फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्राइम: उर्स कमेटी का विवाद खूनी संघर्ष में बदला

विज्ञापन
विज्ञापन
उर्स कमेटी के विवाद में जानलेवा हमला
विज्ञापन

पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की
कमेटी के पदाधिकारियों के खिलाफ वित्तीय अनियमितता और अन्य मामलों में खोला था मोर्चा पीड़ित
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जिले के प्रमुख आयोजनों में शुमार उर्स की कमेटी पर वित्तीय अनियमितता और अन्य धांधलियों के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे अब्दुल नासिर मंसूरी पर विपक्षियों ने दिन-दहाड़े हमला कर दिया। गौरतलब हो कि नासिर मंसूरी पिछले कई महीनों से पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाते चले आ रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
शहर क्षेत्र के मुहल्ला सिविल लाइन निवासी अब्दुल नासिर मंसूरी पुत्र हाजी मुस्तफा खां ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसने मुस्लिम एसोसिएशन व उर्स कमेटी बाबा सदनशाह के पदाधिकारियों व सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार, गबन व कागजों में की गई हेराफेरी की शिकायत प्रशासन से की थी। इससे विपक्षी उससे रंजिश मानने लगे और धमकी देने लगे। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक और डीएम को शिकायतीपत्र सौंपकर सुरक्षा की गुहार लगाई। मंगलवार की शाम लगभग चार बजे वह अपने घर से बाजार जाने के लिए निकला था, तभी रास्ते में पानी की टंकी के पास कसाई मंडी निवासी उर्स कमेटी सदर व उनके पुत्र सहित अन्य आरोपियों ने उन्हें घातक हथियारों से लैस होकर घेर लिया। इसके साथ ही आरोपियों ने गालीगलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उक्त लोगों ने जान से मारने की नियत से मारपीट शुरू कर दी। इससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस व सहयोगियों की मदद से घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर कसाई मंडी निवासी बाबू बदरूद्दीन, उनके लड़के, अब्दुल रहमान कल्ला, रिजवान रियाज, मुसीर व जनपद जालौन के कोंच निवासी भूरा सहित छह-सात अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले ही जताया था अंदेशा
पीड़ित ने पुलिस से हमले की आशंका को लेकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। कोतवाली पुलिस ने इस सार्वजनिक मुद्दे को निजी झगड़ा करार देते हुए दोनो ही पक्षों पर शांतिभंग की कार्रवाई करते हुए मामला शांत कर दिया। नासिर मंसूरी ने बताया कि वह पिछले एक साल से सुरक्षा की गुहार लगाने के बाद भी पुलिस ने उसकी एक न सुनी जिसके चलते मंगलवार को विपक्षियों ने पुलिस की उदासीनता का फायदा उठाकर दिनदहाडे़ मारपीट कर घायल कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि सुरक्षा की गुहार लगाने के बाद पुलिस ने उसे व विपक्षीगणों पर शांतिभंग की कार्यवाही कर इतिश्री कर ली थी। पुलिस ने अगर इस मामलों को गंभीरता से लिया होता तो शायद यह अनहोनी होने से बच सकती थी। गौरतलब हो कि इन दिनों कोतवाली क्षेत्र में अपराधियों की पौ-बारह बनी हुई है। आए दिन घटित हो रही घटनाओं ने लोगों को सशंकित कर दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें