ई-टेंडर में पकड़ी जालसाजी, पांच फार्मों की निविदा की निरस्त
नहीं की गई ब्लैक लिस्ट की कार्रवाई, नहीं किए फर्मों के नाम उजागर
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
सरकार विभागों में होने वाले निर्माण कार्यों, सामग्री आपूर्ति और अन्य कार्यों के लिए किए जाने वाली टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया लागू की गई है। लेकिन जनपद में धोखाधड़ी करने वाले कुल ठेकेदारों के गिरोह इतने शातिर हैं कि वह ई-टेंडरिंग प्रक्रिया में भी जालसाजी करने से खुद हो रोक नहीं पाए हैं।
मामला जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का है। विभाग ने हाल ही में अपने सत्र के लिए छात्र प्रोफाइल की निविदा प्रक्रिया आमंत्रित की थी। इसके लिए कुल नौ फर्मों ने निविदा डाली थी। गत दिवस जब विभागीय समिति द्वारा निविदा की टेक्निकल बिद खोली गई तो जांच के दौरान जालसाजी के खेल का खुलासा हुआ। जिला बेसिक शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार निविदा प्रक्रिया के दौरान पांच फर्म के ठेकेदारों में अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने का काम किया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा छात्र प्रोफाइल के लिए कुल 23 लाख रुपये लागत की निविदा प्रक्रिया आमंत्रित की गई थी। इस निविदा प्रक्रिया में शामिल होने वाली फर्म को जमानत धनराशि के रूप में पांच हजार रुपये का बैंक ड्राफ्ट जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के नाम पर ई-टेंडरिंग निविदा के साथ जमा करना था। जांच के दौरान पता चला की जमानत धनराशि के दो बैंक ड्राफ्टों का कई फर्मों में उपयोग किया गया है। इसके बाद जब बारीकी से जांच की गई तो पांच फर्मों को चिह्नित किया गया, जिन्होंने यह फर्जीवाड़ा व जालसाजी की है। इसके बाद समिति ने इन पांचों फर्म की निविदा को निरस्त कर दिया है।
फर्म को ब्लैक लिस्ट करने है प्रावधान
ई-टेंडर में एक बैंक ड्राफ्ट पर कई फर्म द्वारा निविदा डालने जैसी जालसाजी की घटनाएं अन्य जनपदों में पूर्व में घटित हो चुकी है। इनके सामने आने पर उत्तर प्रदेश शासन ने सचिव विगत जनवरी माह में शासनादेश जारी किया था कि इस तरह के जालसाजी की घटनाएं कहीं होती है तो फर्म को सीधा ब्लैक लिस्ट कर दिया जाए। लेकिन बीएसए विभाग में पकड़े गए इस फर्जीवाड़ा में फर्म के खिलाफ ब्लैक लिस्ट की कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन निविदा निरस्त कर और चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। वहीं, अभी विभागीय अधिकारी उक्त पांचों फर्म के नामों को उजागर करने में कतरा रही है।
चेेतावनी दी गई है
फर्जीवाड़ा पकड़े जाने पर उक्त पांचों फर्म की निविदा को निरस्त कर दिया गया है। समिति द्वारा चेतावनी दी गई है कि यदि इस तरह की घटना दोबारा होती है तो फिर फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।
- अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, ललितपुर।