ब्लड बैंक में पकड़ा गया खून का कारोबार
ललितपुर। जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में 1500 रुपये में खून बेचने का मामला पकड़ा गया है। डीएम के आदेश पर सीएमएस द्वारा गठित की गई चिकित्सकों की चार सदस्यीय टीम की रिपोर्ट में एक सेवा प्रदाता कंपनी के तीन कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई। जबकि दो संविदा कर्मचारियों की सेवा समाप्ति की संस्तुति की गई है।
थाना जाखलौन अंतर्गत ग्राम मादौन निवासी मथुरा का दो वर्षीय पुत्र आरके जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। उसके दो वर्षीय भर्ती बच्चे को खून की जरूरत होने पर उसने ब्लड बैंक में संपर्क किया, जहां उससे खून के बदले 1500 रुपये की अवैध वसूली गई। यह मामला जिलाधिकारी के पास पहुंचने पर उन्होंने इसकी जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एसके वासवानी को दिए। जिस पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने इस मामले में एक चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया, जिसमें डॉ. पवन सूद, डॉ. एमसी गुप्ता, डॉ. राजेंद्र प्रसाद व डॉ. वीके दीक्षित को शामिल किया गया। उक्त समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट में रक्त के बदले नियम विरुद्ध 1500 रुपये वसूलने और हिस्सा बांट करने में सेवा प्रदाता कंपनी के तीन कर्मचारियों और संविदा पर तैनात दो लैब सहायकों की संलिप्तता को सही पाया गया। इसके आधार पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने सेवा प्रदाता कंपनी के तीन कर्मचारियों स्वीपर रालभश, राजेश, रालभश स्वीपर, राजेश व वार्डबॉय जितेंद्र चंदेल की सेवाएं जिला चिकित्सालय में समाप्त करते हुए संबंधित सेवा प्रदाता एजेंसियों को सूचित कर दिया गया है। वहीं, जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा चिकित्सालय पुरुष ब्लड में संविदा पर लैब टेक्निशियन पद पर नियुक्त संतोष कुमार और लैब सहायक संविदा पद पर नियुक्त मनोज सोनी की सेवा समाप्ति की संस्तुति जिला स्वास्थ्य समिति के सचिव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कर दी गई है।