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समस्या: परिवहन विभाग की मनमानी से परेशान यात्री

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परमिट कहीं का और बस चल कही कहीं
परिवहन विभाग की मनमानी से यात्री परेशान

अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। परिवहन विभाग की मनमानी जिले के वाशिंदों पर भारी पड़ रही है। पूर्ववर्ती सरकार के दौरान चलाई गई अधिकांश बसें या तो अनियमित हैं या फिर उन्हें अन्य जिलों में चलाया जा रहा है। परमिट कही का और बसें चल किसी और रूट पर रहीं हैं। इस स्थिति में दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आज भी परिवहन की समस्या बनी हुई है। वर्तमान में आधा दर्जन बसों का संचालन पूरी तरह बंद हो गया है।
ललितपुर पिछड़ा होने के कारण यहां यातायात अब तक सुगम नहीं हो पाया है। पूर्ववर्ती सरकार ने इस ओर ध्यान दिया और जिले के लिए लोहिया बसों की सौगात दी। कई बसें दूरदराज ग्रामों से मुख्यालय तक संचालित हुई। लेकिन विभागीय उदसीनता के चलते अधिकांश बसों का संचालन या तो बंद हो गया या फिर वे अनियमित हो गई। जिससे ग्रामीणों को राहत मिलने की जगह यातायात की दोबारा समस्या खड़ी हो गई। अब लोगों क ो मुख्यालय आने के लिए घंटों निजी वाहनों का इंतजार करना पड़ता है तब जाकर उन्हें कोई साधन मिल पाता है। साधनों क ी कमी के चलते कई गांव के लोगों को परेशान होना पड़ता है। यदि लोग शहर में आ गए तो शाम को घर वापिस जाने की चिंता सताने लगी है। साथ ही जिन रुट पर बसें चल रही हैं। उनके संचालित होने का समय निश्चित नहीं रह गया है। कई बार तो यात्रि बस के लिए बस स्टेंड पर पहुंचते हैं। लेकिन बस स्टेंड पर पहुंचने पर बस नहीं मिलती है। ऐसे में लोगों क ो निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी का फायदा परिचालक उठा रहे हैं। जिसका खामियाजा लोगों को परेशान होकर उठाना पड़ता है। कई बार तो लोगों के साथ लूट, अपहरण जैसी वारदात हो जाती है। इतना ही नहीं डग्गामार वाहनों में सफर करते समय दुर्घटना के शिकार भी हो जाते हैं।
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इन बसों का संचालन किया बंद
कुम्हैंडी़, सौजना, जामनी बांध, कैलगुवां, चिगलौआ आदि ग्रामीण क्षेत्र से मुख्यालय होते हुए झांसी के लिए लोहिया बस का संचालन बंद कर दिया गया है। साथ ही एक बस राजघाट से मड़ावरा के लिए भी चलाई गई है जो कि वर्तमान में बंद है।
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प्राइवेट बस का सहारा लेने को मजबूर
इन रुट से बस का संचालन बंद होने से लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसमें अपनी जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। इसके साथ ही अपने काम निपटाकर घर जाने के लिए बस स्टेंड पर पहुंचने वाले लोगाों क ो बस स्टेंड पर बसें नहीं मिलती है। जिसके चलते राहगीर रात गुजारने के लिए ठिकाना ढ़ूंढने के लिए मजबूर हो जाते हैं तो वहीं, कुछ यात्रि होटलों में रात गुजारते हैं। कुछ लोगों को घर पहुंचजना जरुरी होता है और रात गुजारने का ठिकाना नहीं मिलता वह प्राईवेट वाहनों का सहारा लेकर जान जोखिम में डालकर सफर करते हैं। ऐसे में टैक्सी चालक मनमाने पैसे वसूलते हैं।
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लोहिया बस के परिचालकों कर रहे मनमानी
वर्तमान में लोहिया बसें अपने नियमित समय पर नहीं चल रही हैं। इन बसों के संचालन का समय परिचालक करते हैं। बसों को निर्धारित समय पर न चलाकर पहले ही बस स्टेंड को छोड़ जाते हैं। कुछ परिचालक तो बस को बस स्टैंड ही नहीं पहुंचने देते इससे पूर्व ही गंतव्य के लिए रवाना हो जाते हैं। जिससे बस स्टैंड पर ठहरे यात्रियों को बस ही नहीं मिलती है। यात्री को लगता की बस सेवा बंद कर दी गई है। यह बसें परिचालकों की मनमानी की भेंट चढ़ रही हैं । जिससे परिवहन निगम के राजस्व को हानि हो रही है।
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बस का संचालन बंद होने के मामले की जानकारी हुई है। इसकी जांच कराई जाएगी। आय कम होने के चलते बंद किया गया होगा।
- एस के राय
क्षेत्रीय प्रबंधक, झांसी डिपो
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