गैंगस्टर में दो सगे भाइयों को पांच-पांच वर्ष की सजा
छह-छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। गैंगस्टर के अपराध में दोषी पाते हुए थाना बार अंतर्गत ग्राम गैदौरा निवासी दो सगे भाइयों को दोषी पाते हुए अपर विशेष न्यायाधीश उत्तर प्रदेश गिरोह बंद और समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम/अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय) अजय पाल सिंह की अदालत ने पांच-पांच वर्ष की सजा सुनाई है। उक्त अपराधियों पर लूट, चोरी, हत्या, वन अधिनियम, आर्म्स एक्ट आदि के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सहायक शासकीय अधिवक्ता बादाम सिंह यादव ने बताया कि 15 वर्ष पूर्व तत्कालीन थानाध्यक्ष बार अब्दुल रज्जाक ने 16 जनवरी 2003 को थाने में दी तहरीर में बताया था कि ग्राम गैदौरा निवासी ध्रुव सिंह, कैलाश सिंह पुत्र प्रभुदयाल यादव व करन सिंह पुत्र ग्यासी थाना क्षेत्र के खिलाफ कई आपराधिक घटनाएं हैं। इनका एक संगठित गिरोह है, जो आपराधिक घटनाएं करके क्षेत्र में और आसपास के थाना क्षेत्र में आतंक फैलाए हुए हैं। ध्रुुव सिंह इस गिरोह का सरगना है, यह लूट, हत्या, मारपीट, अवैध रूप से जबरन भूमि पर कब्जा करना, चंदन की सरकारी लकड़ी काटकर अवैध रूप से बेचना आदि अपराध करके भौतिक और आर्थिक लाभ अर्जित करते हैं। यह स्वयं व अपने गैंग के सदस्यों को अदल-बदल करके भी अपराध करता है। यह व इसके सदस्य करन सिंह थाना क्षेत्र के प्रचलित हिस्ट्रीशीटर हैं। इनकी दुस्साहसिक घटनाओं से क्षेत्र में आतंक व्याप्त है। इनके विरुद्ध लोग थाने पर सूचना एवं गवाही देने से भी घबराते हैं। थानाध्यक्ष की तहरीर पर थाना बार में उक्त ध्रुव सिंह, कैलाश व करन के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोह बंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए गए। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर न्यायाधीश ने अभियुक्त दो सगे भाइयों ध्रुव सिंह व कैलाश को गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी पाते हुए पांच-पांच वर्ष की सजा सुनाई। यही नहीं छह-छह हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। वहीं उक्त मामले में एक अन्य आरोपी करन सिंह की दौरान मुकदमा मृत्यु हो चुकी है।