मानव तस्करी के आरोपियों की तलाश में छापेमारी
ललितपुर।
दो किशोरियों की खरीद-फरोख्त के मामले में कोतवाली पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सकता है। सोमवार को गिरफ्तार दो आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
गौरतलब है कि सोमवार को कोतवाली प्रभारी भरत कुमार पांडेय को सूचना मिली थी कि पनारी गांव में बाहर से लाई गईं दो लड़कियों को बंधक बनाकर रखा गया है और उन्हें बेचने की तैयारी की जा रही है। इस पर उन्होंने तत्काल वरिष्ठ उप निरीक्षक ए के सिंह को दविश देने के लिए भेजा। छापेमारी के दौरान पुलिस को पनारी गांव स्थित कोमल के घर से बिहार की रहने वाली दो किशोरियों को बरामद किया। इसके अलावा कोमल और उसके साथी रमेश को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस की पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि वह बिहार जा रही थीं, इसी दौरान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास पर्स चोरी होने पर उन्होंने एक महिला से मदद मांगी। इस महिला ने किशोरियों को ललितपुर निवासी अंतू, राकेश और वृषभान को बेच दिया था। एक हफ्ते पहले ही उन्हें ललितपुर लाया गया और तीन अलग-अलग गांवों में रखकर उनको बेचने की कोशिश की गई। इसी क्रम में पनारी गांव में भी उन्हें बेचने की तैयारी चल रही थी, जहां पुलिस पहुंच जाने के कारण छह आरोपी मौके से फरार हो गए।
इससे पहले भी आए हैं मानव तस्करी के मामले
जिले में मड़ावरा थानांतर्गत तीन साल पहले बच्चों की खरीद फरोख्त करने का मामला सामने आया था। राजस्थान से आए ऊंट व्यापारियों ने पांच बच्चों को खरीदकर राजस्थान में बेच दिया था। इसके बाद मामला खुलने पर ऊंट व्यापारियों पर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी तरह डेढ़ साल पहले शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रहने वाली महिला को इंदौर में नशीला पदार्थ खिलाकर हरियाणा में बेचने का मामला भी सामने आया था। महिला ने हरियाणा से भागकर पुलिस की शरण ली थी। इसके बाद कार्रवाई हुई। इसी तरह महरौनी कोतवाली अंतर्गत शादी समारोह से 27 मई को दो नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद उनके चंगुल से छूटने के बाद लड़कियों ने अपहरण कर्ताओं पर 12 हजार रुपये में बेचने की कोशिश का आरोप लगाया था।
विवाह के लिए लाई जाती हैं बाहर से लड़कियां
जिले में कई स्थानों से महिलाओं को खरीद कर लाया जाता है। लड़कों का विवाह न होने पर उड़ीसा, तमिलनाडु समेत कई राज्यों से लड़कियों को खरीद कर लाया जाता है। शहर में ही कई घरों में आज भी उन महिलाओं को रखा गया है और शादी कर उनको पत्नियों का दर्जा दिया गया है। भाषाई समस्या होने के कारण इन महिलाओं को पर्दे के पीछे ही रखा जाता है। इन महिलाओं को घरों के काम तक ही सीमित रखा जाता है।
गिरफ्तारी पर ही होगा रैकेट का खुलासा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लड़कियों को खरीदने के मामले में तीन मुख्य आरोपी फरार हो गए है। अंतू, राकेश और वृषभान ने ही दिल्ली से इन लड़कियों को एक महिला से 1200 रुपये में खरीदा था। इन तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही इनके रैकेट का पता चल पाएगा। अभी दो आरोपियों से पूछताछ में इस तरह के किसी रैकेट का पता नहीं चल पाया है। इन तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही दिल्ली में लड़कियों को बेचने वाली महिला का पता चलेगा।
वर्जन
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अभी तक किसी रैकेट का पता नहीं चल पाया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसके बाद ही इस रैकेट के संबंध में कुछ पता चल पाएगा। पकड़े गए दोनों आरोपियों से तीनों मुख्य आरोपियों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।
अवधेश कुमार विजेता, अपर पुलिस अधीक्षक