जाखलौन बवाल में दो महिलाओं को मिली जमानत
जिला जज ने पुलिस की दलीलों को माना कमजोर
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। जाखलौन में हुए बवाल के मामले में पुलिस की शुरुआती दलीलों को कमजोर मानते हुए जिला जज की अदालत ने दो महिलाओं को जमानत देकर रिहा कर दिया। इन महिलाओं पर पुलिस पर जानलेवा हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाने का आरोप है।
थाना जाखलौन में बीते महीने एक फेरीवाले के साथ मारपीट के मामले में गत 19 अक्टूबर को पीड़ित के परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। इसमें पुलिस कर्मचारियों द्वारा परिजनों के साथ अभद्रता करते हुए थाने से भगा दिया था। इस बात से गुुस्साए परिजनों ने कस्बा में ही सड़क पर जाम लगा दिया था। जाम खुलवाने के लिए पहुंचे पुलिस कर्मचारियों ने दबाव बनाया, तो वहां कुछ महिलाएं उग्र हो गई थीं और सिपाहियों के साथ मारपीट कर दी गई। इसके बाद यहां अन्य लोगों द्वारा भी पत्थरबाजी करने की घटना भी सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने करीब 45 लोगों के खिलाफ एक राय होकर गैरकानूनी तरीके से सड़क पर जाम लगाने, प्रदर्शन करने, जान से मारने की नीयत से पुलिस कर्मियों पर लाठी डंडों व पत्थरों से हमला करने, थाना परिसर में घुसकर बाधा पहुंचाते हुए लोक संपत्ति को क्षति पहुंचाने जैसी विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था। यह पूरा मामला कई दिनों तक जनपद में चर्चा का विषय बना रहा। यहां तक कस्बा के उक्त मुहल्ला गणेशपुरा में पुलिस के भय से कस्बावासी घर छोड़कर पलायन भी करने लगे थे। उक्त मामले में राधा और नंदिनी को भी आरोपी बनाया गया था। इस पर सोमवार को दोनों आरोपी महिलाओं ने नवागंतुक जिला जज भोपाल सिंह की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की। इस मामले में अधिवक्ता राजेश देवलिया ने पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष दलीलें पेश की, इस पर न्यायाधीश ने उक्त मामले में पुलिस के आरोपों को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हुए आरोपी महिलाओं को जमानत पर रिहा कर दिया। गत 19 अक्टूबर को नाराजगी व्यक्त करते हुए पुलिस कर्मचारियों से पिटाई का मामला सामने आया था।