चीरा डेरा पर छापा, 50 हजार लीटर लहन नष्ट
ललितपुर। जिले में अवैध शराब माफियाओं और भू-माफियाओं पर कसे जा रहे शिकंजे के तहत शुक्रवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। इसकी कमान खुद जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने अपने हाथ में रखी है। शुक्रवार को पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के गढ़ चीरा डेरा पर छापा डाला और डीएम ने कल्यानपुरा गांव में अवैध कब्जे से मुक्त करवाई गई चारागाह की जमीन का निरीक्षण किया।
शुक्रवार को जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सलमान ताज पाटिल के नेतृत्व में कबूतरा डेरा चीरा गांव में अवैध शराब की भट्टियों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में प्रशासन एवं पुलिस के साथ आबकारी विभाग, वन विभाग, परिवहन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। जिले में चीरा ग्राम अवैध शराब निर्माण हेतु कुख्यात है। प्रशासन समय समय पर छापेमारी करके इसको रोकने का प्रयास करता है परन्तु प्रभावी कार्यवाही नहीं हो पाती है। आज की कार्रवाई में जिलाधिकारी ने कई विभागों को सम्मिलित करते हुए स्वयं अपने निर्देशन में व्यापक छापेमारी की। गांव के आसपास फैली अनेक अवैध शराब की भट्टियों को जेसीबी से नष्ट करवाया। कार्रवाई के दौरान आबकारी निरीक्षक संजीव कुमार तिवारी, गौरव मिश्रा और अमित कुशवाहा ने 1400 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की। इसके अलावा टीम ने 50 हजार किलोग्राम लहन नष्ट किया। इस दौरान टीम में शामिल अधिकारियों ने अवैध शराब की भट्टियों को नष्ट करते हुए वहां मिली 4 ट्रॉली औऱ एक ट्रक लकड़ी को बरामद कर वन विभाग के सुपुर्द कर दिया। इस छापेमारी के दौरान उप जिलाधिकारी सदर महेश प्रसाद दीक्षित, क्षेत्राधिकारी सदर हिमांशु गौरव, क्षेत्राधिकारी नाराहट देवानन्द, एआरटीओ सत्येन्द्र कुमार, कोतवाली प्रभारी भरत कुमार पांडेय मौजूद रहे।
चीरा डेरा में चली तीन घंटे की कार्रवाई के बाद जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने कल्यानपुरा गांव में ग्रामसभा की चारागाह की जमीन पर कब्जा करने वालों मुक्त करवाई 70 हेक्टेयर जमीन का निरीक्षण किया। यह चारागाह गाटा संख्या 3317, 3318 तथा 3319 पर स्थित है तथा इसका कुल क्षेत्रफल 32.637 हेक्टेयर है। यह भूमि हाल में ही अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई थी। उपस्थित ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि मुकत करायी गयी भूमि की बाउंड्री करवाकर इसे चारागाह के रूप में विकसित किया जाए, इसमें गांव के तथा अन्य अन्ना पशुओं को आश्रय दिया जा सके। निरीक्षण के समय जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान को निर्देश दिये कि बाउंड्री के सीमांकन का कार्य मनरेगा के तहत कराकर इस गोचर भूमि को विस्तृत चारागाह के रूप में विकसित किया जाए। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर महेश प्रसाद दीक्षित, जिला सूचना अधिकारी पीयूष चन्द्र राय उपस्थित रहे।