ललितपुर/ सिंदवाहा। मुख्यमंत्री गोपालक योजना के अंतर्गत जिन गोपालकों ने गायों को पालने का काम शुरू किया है, उन्हें पैसा नहीं मिल पा रहा है। दरअसल, देरी सत्यापन करने वालों की वजह से हो रही है। गोपालकों को अगस्त के महीने से पैसा नहीं मिला है, जिससे वह संपूर्ण समाधान दिवस में चक्कर लगा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने छुट्टा जानवरों को पालने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए गोपालक योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति चार गायें पाल सकता है। गाय के पालने पर नौ सौ रुपये प्रतिमाह खाना खुराक के लिए शासन से दिए जाते हैं। एक गोपालक अधिकतम चार गायें पाल सकता है। योजना का मकसद गायों के छुट्टा घूमने पर रोक लगाना है। योजना का जिले में काफी प्रभाव पड़ा है और करीब 1400 गोपालक आगे आए हैं। इन्होंने गायें पालनी शुरू कर दी हैं। गायें पालने का काम अगस्त से चल रहा है। इसमें कई गोपालक ऐसे हैं, जिन्हें अब तक गोपालन का पैसा नहीं मिला है।
ग्राम सिंदवाहा निवासी हरीराम कुशवाहा ने चार गायें पाली हैं। इस हिसाब से प्रति माह छत्तीस सौ रुपये हिसाब बनता है, लेकिन उन्हें अब तक भुगतान नहीं हो सका है। उन्होंने इसकी शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में की, परंतु कोई फायदा नहीं हुआ। अब वह कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन गोपालन का भुगतान अब तक नहीं मिल सका है। इससे वह परेशान हैं।
दरअसल, जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने गोपालन कार्य की सच्चाई जानने के लिए गोपालकों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। सत्यापन कार्य अभी चल रहा है, जिन तहसीलदारों द्वारा सत्यापन की रिपोर्ट दे दी जा रही है, उन गोपालकों का भुगतान कर दिया जा रहा है, लेकिन जो तहसीलदार इसमें लेटलतीफी कर रहे हैं, वह गोपालक परेशान घूम रहे हैं।
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भुगतान किसी का नहीं रोका जा रहा है। केवल, उन्हीं गोपालकों का भुगतान रुका है, जिनकी सत्यापन की रिपोर्ट नहीं मिली है। जैसे- जैसे तहसीलदार सत्यापन रिपोर्ट दे रहे हैं, भुगतान कर दिया जा रहा है। इसमें विभाग की ओर से कोई देरी नहीं की जा रही है।
- डा. एसके शाक्य
मुख्य पशुचिकित्साधिकारी