सिलावन/ललितपुर। तहसील महरौनी अंतर्गत अमौरा ग्राम पंचायत में एक वर्ष पूर्व शासन की मंशानुरूप गोशाला का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। लेकिन कुछ ही दिन कार्य चलने के बाद इसे बंद कर दिया गया, जिसकी सुध अबतक किसी भी अधिकारी ने नहीं ली हैं। इसके चलते दर्जनों गांव के ग्रामीणों को आवारा जानवरों की समस्या से निजात नहीं मिल सकी है।
छुट्टा जानवरों की समस्या को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिकता के साथ गांव-गांव में गोआश्रय स्थलों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके तहत तहसील महरौनी अंतर्गत अमौरा ग्राम पंचायत में आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को छुट्टा जानवरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए लगभग 20 एकड़ में गोशाला निर्माण का तानाबाना बुना गया। यहां योजना अनुरूप गायों के लिए टीनशेड और टंकियों का निर्माण किया गया, पानी के लिए बोरिंग की गई। मोटर इत्यादि के लिए कमरे का निर्माण भी हुआ। गोशाला के चारों ओर तारबाड़ी की गई। इसके बाद यहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं हुआ। जो आज भी जस की तस स्थिति में हैं। निर्माण कार्य बंद हुए लगभग एक वर्ष हो चुका हैं, लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी किसी अधिकारी ने इसकी सुध नहीं ली है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गोशाला का निर्माण हो जाता तो उन्हें छुट्टा जानवरों की समस्या से जूझना नहीं पड़ता।
दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को मिलेगा छुट्टा जानवरों से छुटकारा
अमौरा गांव में गोशाला के निर्माण से अमौरा, खैरा, कुरौरा, भैरा, भौरट, सतलींगा, दरौनी, नैगुंवा, सिमिरिया, समोगर, सुकाड़ी, चिरौला, बारव, पतारौ सहित दर्जनों गांव के ग्रामीणों को छुट्टा जानवरों की समस्या से छुटकारा मिल सकता हैं। यदि ऐसा होता हैं तो यहां का किसान साल में तीन फसल आसानी से ले सकता हैं। छुट्टा जानवरों के चलते किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता हैं।
ग्राम अमौरा में गोशाला का निर्माण अधूरा नहीं है, गोशाला का निर्माण तो हो चुका था। लेकिन वहां का रास्ता सही न होने और वहां अन्ना पशुओं के न होने के कारण गोशाला का संचालन शुरू नहीं कराया गया है।
- सुनील कुमार, खंड विकास अधिकारी महरौनी
अमौरा गांव में लगा आवारा जानवरों का जमावड़ा- फोटो : LALITPUR
ग्राम अमौरा में मोटर इत्यादि के लिए बना कमरा- फोटो : LALITPUR