मंगलवार को नगर पालिका में आयोजित बोर्ड बैठक में भले ही सुरईघाट मुक्तिधाम की जमीन पर कांजी हाउस के निर्माण को मंजूरी मिल गई है, लेकिन अब यह समस्या सता रही है कि शासन ने कांजी हाउस के निर्माण के लिए जो 1.74 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई थी, वह 01 अप्रैल से शुरू होने वाले नवीन वित्तीय वर्ष में लैप्स न हो जाए। यदि ऐसा होता है तो वर्षों बाद शहर को मिलने वाली कांजी हाउस की सौगत एक सपना बनकर रह जाएगी।
शहर की नहीं बल्कि पूरे जनपद में कहीं पर कांजी हाउस स्थापित नहीं है। छह माह पूर्व प्रदेश सरकार ने कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत शहर में कुल 3.49 करोड़ रुपये की लागत से कांजी हाउस का निर्माण कराने की स्वीकृति दी थी और इसके लिए नगर पालिका के खाते में 1.74 करोड़ रुपये धनराशि भेज दी थी। विभाग द्वारा कांजी हाउस के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई है, लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण कांजी हाउस निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। नगर पालिका व जिला प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली के चलते वर्तमान हालातों को देखकर ऐसा लगा रहा है कि वर्षों बाद जागी यह आस दोबारा से सपना बनकर न रह जाए। क्योंकि वर्तमान वित्तीय वर्ष को खत्म होने में मात्र दो दिन का ही समय शेष रह गया है। एक अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू होने जा रहा है और साथ ही नई सरकार भी आ गई हैं, ऐसे में इस बात को भी नहीं नकारा जा सकता है कि कांजी हाउस की धनराशि का उपयोग नहीं होने के कारण यह धनराशि लैप्स भी हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह शहर के लिए बहुत बड़ी विडंबना की बात होगी।
ऑडिटोरियम का पैसा हुआ था लैप्स
शहर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सुनिश्चित मंच और कार्यस्थल नहीं है। जनता की सुविधा के लिए नगर पालिका पिछले कई वर्षों से शहर में ऑडिटोरियम का निर्माण कराने की प्रयास कर रही थी। तमाम प्रयासों के बाद शासन ने वर्ष 2013 में नया सवेरा योजना के तहत नगर पालिका को ऑडिटोरियम का निर्माण कराने के लिए 2.81 करोड़ रुपये धनराशि उपलब्ध कराई थी। पूरे एक साल तक नगर पालिका केवल जमीन की तलाशती रही और ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए आया बजट शासन वापस चला गया है। बीते दो वर्षों से अब तक नगर पालिका हर वर्ष ऑडिटोरियम के लिए शासन से बजट की मांग कर रही है, लेकिन दोबारा कुछ हाथ नहीं लगा। इसी तरह जमीन के ही फेर में कचरा निस्तारण के लिए तीन-चार वर्ष बीतने के बाद भी सोलिड वेस्ट मेनिजमेंट प्लांट स्थापित नहीं हो सका है। कहीं कुछ ऐसा ही कांजी हाउस के लिए आए बजट के साथ भी न हो जाए।
कांजी हाउस के निर्माण के लिए सुरईघाट मुक्तिधाम की जमीन उपलब्ध कराने की बोर्ड में मंजूरी मिल गई है। अब केवल उक्त प्रस्ताव पर जिला प्रशासन व मंडलायुक्त की मोहर लगनी बाकी है, इसके बाद कांजी हाउस का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। बीते दो माह से आचार संहिता लागू होने के कारण बोर्ड बैठक आयोजित होने में इतनी देरी हुई और यह फैसला देरी से लिया जा सका। धनराशि को लैप्स होने से रोकने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।
- सुभाष जायसवाल
नगर पालिका अध्यक्ष।