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गायों के मरने का सिलसिला जारी

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कैप्सन - गौशाला में मृत गौ वंश - फोटो : TALDEHATE
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तालबेहट। गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए अस्थाई गाआश्रय स्थल अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ने लगे हैं। इससे गायों के मरने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को सुबह तरगुवां स्थित गोआश्रय स्थल में दो गायों की मौत और कुछ पर कौवों के आक्रमण करने की खबर से हड़कंप मचा गया। सरकार ने आवारा जानवरों पर रोक लगाने के लिए कई जगह अस्थाई गो आश्रय स्थल बनवाए, जिनमें बंद जानवरों के खानपान की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी एवं लेखपालों को दी गई। कुछ समय से गो आश्रय स्थल की व्यवस्थाएं पूरी तरह से बेपटरी हो गई हैं। बुधवार को ग्राम तरगुवां में दो गायों की मौत और कुछ पर कौवों द्वारा आक्रमण करने की खबर फैल गई।
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गोशाला में न तो भूसा का इंतजाम है और न पानी का। निजी खर्च पर जितना हो सकता है, वह अपने स्तर से कर रही हैं।
- सूरज देवी, ग्राम प्रधान तरगुवां।
अस्थाई गौशाला में बंद गायों को बड़ी गोशालाओं में शिफ्ट किया जा रहा है। तरगुवां से गायों को कारी पहाड़ी गोशाला भेजा जा रहा है।
- मोहम्मद कमर, उपजिलाधिकारी
भुचेरा गोशाला में नहीं खानपान का इंतजाम
तालबेहट। ग्राम भुचेरा में कुछ माह पहले बनाए गए गोआश्रय स्थल में वर्तमान में 160 जानवर बंद हैं। परंतु कुछ समय से उनके खानपान की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। ग्राम प्रधान ने उपजिलाधिकारी को अवगत कराते हुए गोआश्रय स्थल में बंद जानवरों के लिए भूसे के प्रबंध की मांग की है।
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