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कोविड जांच हो रही 70, मरीज आ रहे 300

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जिला महिला चिकित्सालय में कोविड की जांच कराती महिला मरीज। - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। सरकारी अस्पतालों में इलाज से पहले कोविड जांच अनिवार्य है, लेकिन जिला महिला अस्पताल में आने वाले सभी लोगों की जांच नहीं हो पा रही है। यहां पर प्रतिदिन लगभग 300 मरीज आ रहे हैं और जांच महज 70 मरीजों की हो रही है।
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कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को इलाज से पहले कोरोना जांच कराना अनिवार्य है। मरीजों को पहले ओपीडी पर्चा के लिए पंजीयन कराना होता है। पर्चा समेत मरीज को कोविड जांच के लिए भेज दिया जाता है। मरीज का ब्योरा फार्म में भरा जाता है, जिसके बाद सैंपल लिया जाता है। सैंपल के बाद मरीजों को जांच रिपोर्ट आने का इंतजार करना पड़ता है। जांच के बाद रिपोर्ट को पर्चा पर दर्ज किया जाता है। जिसके बाद मरीज चिकित्सक की ओपीडी में उपचार कराते हैं।
लेकिन जिला महिला अस्पताल में कोविड जांच मरीजों के इलाज में बाधा बन रही है। यहां पर प्रतिदिन लगभग 300 महिलाएं इलाज कराने के लिए पहुंच रहीं है, लेकिन कोविड जांच कर्मचारी मात्र 70-80 मरीजों की ही कोरोना जांच कर पाते हैं। ऐसे में लगभग 220 महिला मरीज कोरोना जांच के लिए परेशान हो जाती है। ओपीडी पर्चा बनने के बाद कोरोना जांच के लिए लाइन में लगती हैं, जहां पर अधिक भीड़ होने से जिला अस्पताल की ओर रुख करती हैं। जहां पर भी जांच न होने से परेशान हो जाती है और इलाज के लिए निजी अस्पतालों की ओर रुख कर रही हैं।
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समय पर नहीं पहुंच रहे स्वास्थ्य कर्मी
जिला महिला अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह आठ बजे से शुरू हो जाता है, लेकिन कर्मचारी समय पर नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसी ही स्थिति बुधवार को जिला महिला अस्पताल के ओपीडी पंजीकरण खिड़की पर देखने को मिली। जहां पर एक ही कर्मचारी कोविड जांच व पर्चा भर रहा था। इससे मरीजों को अधिक समय लग रहा था। वहीं एक महिला मरीज दर्द से कराह रही थी, लेकिन जिम्मेदार इसके बाद भी अनदेखा करते रहे।
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जिला महिला अस्पताल में मरीजों के सापेक्ष कोविड जांच कम होने की जानकारी हुई है। जिस पर अस्पताल कर्मियों को अधिक मरीजों की जांच करने के लिए कहा जाएगा।
- डॉ. डीके गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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