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कोरोना संदिग्ध गर्भवती के प्रसव को बनेगा कोविड प्रसव कक्ष

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ललितपुर। जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित गर्भवती महिलाओं के प्रसव कराए जाने की सुविधा की भी तैयारी कर ली गई है। इसके लिए अस्पतालों में कोविड प्रसव कक्ष और जिला महिला चिकित्सालय में कोविड आपरेशन थियेटर तैयार कराया जा रहा है।
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देश में फैल रही वैश्विक बीमारी कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है। 22 अप्रैल से सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद कर दी गई है। मरीजों को उपचार की सुविधा के लिए आकस्मिक सेवा (इमरजेंसी वार्ड) में 24 घंटे संचालित की जा रही हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं के लिए आवश्यक सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
लेकिन, अब कोविड पुष्टि व संदिग्ध गर्भवती महिलाओं के प्रसव के लिए समस्या बनी हुई है। साथ ही प्रसव के दौरान बच्चों को असुरक्षा के चलते संक्रमित मां से संक्रमित होने का खतरा भी बना हुआ है। देश में कई नवजात बच्चों में भी कोविड संक्रमित मां से संक्रमित होना पाया जा रहा है। बच्चों को संक्रमण से बचाव के लिए शासन ने सुविधा मुहैया कराई है।
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प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने सभी जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कोविड पुष्टि व संदिग्ध गर्भवती महिलाओं के लिए कोविड प्रसव कक्ष तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पत्र में कहा कि सभी जिला चिकित्सालयों में आइसोलेशन वार्ड से सटा हुआ ‘कोविड लेबर रूम’ व जिला महिला अस्पताल में सी- सेक्शन के लिए ‘कोविड ओटी’ तैयार किया जाए। इसमें पीपीई किट, कीटाणु शोधन व बायोमेडीकल वेस्ट के निस्तारण मानक अनुरुप किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रताप सिंह ने कहा कि जनपद में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कोविड केयर रूम बनाए जाएंगे। जहां पर कोविड पुष्टि व संभावित गर्भवती महिलाएं का प्रसव कराया जाएगा। साथ ही पहले की तरह 102 एंबुलेंस का प्रयोग गर्भवती महिलाओं के लिए किया जाएगा। गर्भवती महिला के कोविड पुष्टि के मामलों में 108 एंबुलेंस का प्रयोग किया जाएगा। इस दौरान एंबुलेंस के परिवहन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा।
गर्भवती महिला में कोविड संदिग्ध व पुष्टि होने पर आशा और एएनएम द्वारा लाइन लिस्टिंग की जाएगी। जिला चिकित्सालय में प्रसव के लिए जन्म की योजना की जानकारी दी जाएगी और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को जानकारी दी जाएगी।
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स्तनपान कराते समय मास्क पहनें
मां को संक्रमण होने पर बच्चे को स्तनपान कराने के दौरान मॉस्क पहन सकती हैं। मॉस्क न होने पर मुंह को किसी कपड़ा से ढककर रखें, जिससे छींक या खांसी आने पर ड्रॉपलेट्स (थूक के कण) इधर- उधर न फैलें। बच्चे को स्तनपात कराने से पहले और बाद में हाथों को साबुन से 20 से 30 सेकेंड तक धोएिं। मां स्तनपात कराने की स्थिति में न होने पर कटोरी में दूध निकाल कर चम्मच से पिलाएं। जिला कार्यक्रम प्रबंधक रजिया फ़िरोज ने बताया ओपीडी बंद होने के बावजूद एक अप्रैल से 22 अप्रैल तक 1,227 प्रसव हुए हैं, इनमे से 49 प्रसव सी सेक्शन के हैं।
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