ललितपुर। पहलवान गुरुदीन ग्रुप ऑफ कॉलेज के हिंदी विभाग द्वारा ‘कोविड-19 की चुनौतियां: साहित्य और समाज की भूमिका’ विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया।
मुख्यअतिथि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत विसारिया रहे। डॉ. मुन्ना तिवारी ने कहा कि विपत्ति काल में साहित्य ने ही समाज को सहारा दिया है। डॉ. शैलेंद्रनाथ मिश्र ने बताया कि साहित्य और समाज का संबंध अत्यंत घनिष्ठ है। महामारी के दौरान साहित्य में नवीन शब्दों का आगमन हुआ है जिससे साहित्यिक समृद्धि होगी। मुख्य वक्ता डॉ. प्रवीन कुमार यादव, हिंदी विभाग राजकीय स्नात्कोत्तर महाविद्यालय अंबेडकरनगर ने बताया कि लॉकडाउन अवधि के प्रारंभ से लेकर अब तक स्त्री और मजदूर को अधिक प्रभावित किया है। डॉ. प्रवीण कुमार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक मध्यप्रदेश ने महामारियों के दौरान हाशिए से समाज को होने वाली समस्याओं, विद्रूपताओं व समस्याओं का विवरण प्रस्तुत किया। डॉ. सरोज यादव, शोध सहायक माशिप प्रयागराज ने बताया कि साहित्य ही वह साधन है, जो समाज की भावनाओं को समृद्ध करता है।
डॉ. श्वेता पंड्या, शासकीय महाविद्यालय कायथा उज्जैन ने कहा कि संकट का काल रचनात्मकता को जन्म देता है। प्रो. जनार्दन इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज ने कहा कि जिस प्रकार जीव असंख्य कोशिकाओं से मिलकर बना होता है, उसी प्रकार समाज का भी निर्माण विभिन्न अंगों के संयोग से हुआ है। डॉ. मलखान सिंह जवाहर लाल नेहरू विवि दिल्ली ने कहा कि पर्यावरणीय चेतना वैदिक काल से उत्तर वैदिक काल तक समृद्ध दिखाई देती है, परंतु उत्तरोत्तर विकास की प्रक्रिया ने पर्यावरण को तहस-नहस कर दिया। डा. रंजीत कुमार, हिंदी प्रचारक और भाषा वैज्ञानिक कर्नाटक ने भी विचार व्यक्त किए।
संस्थापक डॉ. पारसनाथ ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है, वह प्रत्येक परिस्थितियों को शब्दों के माध्यम से कालजयी बना देता है। विभागाध्यक्ष असिस्टेंट प्रोफेसर रमेशचंद्र पटेल ने आभार प्रकट किया। वेबिनार की प्रस्तुति में मुख्य तकनीकि सहायक प्रो. विशाल कनौजिया एवं कंप्यूटर सहायक आशीष झा रहे। ई- संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर कपिल कछौरिया ने किया। इस बेविनार में देशभर के 25 राज्यों एवं 70 विश्वविद्यालयों के विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर, प्रवक्ता एवं 38 हजार छात्र-छात्राओं ने यूट्यूब, फेसबुक के माध्यम से प्रतिभाग किया। इस मौके पर प्रबंधक डॉ. सूर्यनाथ यादव, संयोजक डॉ. पूजा यादव, निदेशक सौरव यादव, गौरव यादव, महिला महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. सूफिया एवं प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. महेश कुमार झा की निगरानी में वेबिनार हुआ।