सभासद मनमोहन चौबे और सीताराम पटेल ने मुंडन कराया
शुरूआत में उन्होंने तीन दिन तक यहां अनशन किया, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर वह घंटाघर स्थित नगर पालिका परिसर के मैदान में अनशन पर बैठकर लगातार धरना दे रहे थे। लगातार बारह दिनों से धरना देने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने धरना स्थल पर ही मुंडन कराते हुए विरोध करने का निर्णय लिया। मंगलवार को यहां धरना स्थल पर भूमि संरक्षण विभाग में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग को लेकर सभासद मनमोहन चौबे और सीताराम पटेल ने मुंडन कराते हुए अपना विरोध जताया।
लगाए ये आरोप
ग्राम चढ़रऊ निवासी पंकज पटेल एवं सभासद मनमोहन चौबे ने आरोप लगाया कि भूमि संरक्षण विभाग में राजकीय दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करते हुए खेत तालाब परियोजना में लाभार्थी कृषक के खातों को परिवर्तित कर शासन की आवंटित करोड़ों रुपये की धनराशि में भ्रष्टाचार किया गया है। उन्होंने परियोजना रमपुरा कटवर, चुंगी, धनगोल, कंधारीकलां, झांवर, खांदी की पत्रावली एवं मापन पुस्तिका की जांच किए जाने की मांग की है।
कोई सुनवाई नहीं हो रही
आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में अनेकों खेत तालाब में बिना पक्के कार्यों इनलेट का निर्माण नहीं कराया गया और कर्मचारियों से मिलकर कृषकों के खातों को परिवर्तित कराते धनराधि दूसरों के खातों में पहुंचाई गई। इसके अलावा बहुउद्देशीय आजीविका सरोवर ग्राम दूधई डुंगरिया विकास खंड बिरधा एवं ग्राम सीरोनकलां का स्थलीय निरीक्षण किए जाने की मांग की है। आरोप लगाया कि वह कई बार शिकायती पत्र दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिसके चलते उन्हें धरने पर बैठना पड़ा।
एसडीएम, डीडीओ व सांख्यिकी अधिकारी की टीम करेगी जांच
धरना स्थल पर मुंंडन कराने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम सदर चंद्रभूषण प्रताप सिंह, डीडीओ अतिरंजन और सांख्यिकी अधिकारी राजेश कुमार मौके पर पहुंच गए और अनकारियों की समस्याएं सुनते हुए उन्हें समझाया और जांच कराए जाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इसकी जांच सौंपी गई है और वह पूरी जांच करेंगे। काफी देर समझाने के बाद अनकारी मान गए और अपना अनशन समाप्त किया। अनशन के दौरान हरीबाबू शर्मा, हरपाल सिंह पटेल, अवनीश सुल्लेरे, अभिषेक बाजपेयी, सुरेंद्र सिंह परमार आदि शामिल रहे।