ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों के औचक निरीक्षण को जिलास्तरीय अधिकारी नामित किए गए हैं। डीएम ने विभिन्न विभागों के 49 अफसरों को न्याय पंचायतवार जिम्मेदारी सौंपी है। डीएम के इस कदम से शिक्षकों की लापरवाही पर अंकुश लगने की संभावना जताई जा रही है।
गर्मी के मद्देनजर परिषदीय विद्यालयों के समय में परिवर्तन कर दिया गया है। इस समय सुबह साढ़े छह बजे से सुबह साढ़े 11 बजे तक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इस दौरान तमाम शिक्षक स्कूल जाने में लेटलतीफी बरत रहे हैं। कई शिक्षक तो समय से पहले स्कूल बंद कर घर चले जाते हैं। बीते दिनों में बीएसए शमीम खातून ने ब्लाक बार के विद्यालयों का निरीक्षण किया था, जिसमें आधा दर्जन स्कूलों में ताला लटकता मिला था तो कई शिक्षक गायब मिले थे। इस पर डीएम डा. रूपेश कुमार ने विद्यालयों के निरीक्षण के लिए जिलास्तरीय अफसरों को लगा दिया है। एक अफसर को एक न्याय पंचायत आवंटित की गई है। इस तरह जिले के 49 अफसरों को लगाया गया है। उन्होंने निरीक्षण आख्या फोटोग्राफ सहित बीएसए को भेजने के निर्देश दिए हैं।
यहां की मिली जिम्मेदारी
सीडीओ को ग्राम देवरान, डीडीओ को ग्राम बानपुर, बीडीओ महरौनी को ग्राम बार, तहसीलदार पाली को ग्राम पारौन, बीडीओ बिरधा को ग्राम कैलगुवां, बीडीओ जखौरा को ग्राम बिल्ला, बीडीओ बार को ग्राम बिरधा, तहसीलदार महरौनी को सिमरधा, तहसीलदार तालबेहट को डोंगराकलां, तहसीलदार ललितपुर को बालाबेहट, नायब तहसीलदार ललितपुर को धौर्रा, एसडीएम महरौनी को जाखलौन, एसडीएम तालबेहट को कल्याणपुरा, बीएसए को खितवांस, डीआईओएस को बांसी, जिला कार्यक्रम अधिकारी को मसौराखुर्द, जिला सेवायोजन अधिकारी को रोड़ा, सीएमओ को जखौरा, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी को सिरसी, जिला मलेरिया अधिकारी को लागौन, जिला क्षय रोग अधिकारी को ननौरा, पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता को थनवारा, सिंचाई निर्माण खंड प्रथम अधिशासी अभियंता को लखनपुरा, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी को दैलवारा, जिला उद्यान अधिकारी को मड़वारी, जिला बंदोबस्त अधिकारी को बुढ़वार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को खांदी, डीपीआरओ को पूराकलां व डायट प्राचार्य को ग्राम सुनौरा न्याय पंचायत दी गई है।
उजागर होंगे बीईओ के कारनामे
विभिन्न अफसरों के निरीक्षण होने से खंड शिक्षा अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। माना जा रहा है कि नामित अफसरों के निरीक्षण में कई वे कमियां उजागर होंगी, जिन पर खंड शिक्षा अधिकारी पर्दा डाले हैं। ऐसा कई बार हुआ है, जब दूसरे विभाग के अधिकारी ने विद्यालयों का निरीक्षण किया तो अनगिनत कमियां सामने आई। लेकिन, खंड शिक्षा अधिकारियों के निरीक्षण में ऐसा कुछ नजर नहीं आता है।