ललितपुर। विकासखण्ड मड़ावरा की ग्राम पंचायत जमौरा के कोटेदार द्वारा राशन वितरण में गड़बड़ी, घटतौली करने एवं मनरेगा जॉब कार्डधारकों से नि:शुल्क राशन देने के स्थान पर नियम विरूद्ध पैसे लेने की शिकायत मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी ने इसकी जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर कोटेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश सीडीओ ने दिए हैं।
मामले की जांच खंड विकास अधिकारी मड़ावरा से कराई गई। वह सहायक विकास अधिकारी (आईएसवी) सर्वेश कुमार सचान के साथ ग्राम जमौरा के कोटेदार के यहां जांच को गए। जांच के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी नीरज कुमार, ग्राम प्रधान हरीसिंह एवं सप्लाई इंसपेक्टर अभय कुमार उपस्थित रहे। बताया गया कि कोटेदार का पुत्र राजकुमार कोटे का संचालन करता है। मौके पर उपस्थित कार्डधारकों द्वारा एक कोटेदार के समक्ष घटतौली एवं निर्धारित से ज्यादा कीमत वसूलने का आरोप लगाया, जिसे कोटेदार द्वारा स्वीकार किया गया।
कोटेदार ने अपने बयान में प्रति कार्ड 01 से 02 किलोग्राम तक घटतौली की बात स्वीकार की। कोटेदार ने लिखित बयान दिया। मनरेगा सक्रिय जॉबकार्डधारकों को नि:शुल्क वितरण के स्थान पर उनसे राशन कार्ड वितरण के सापेक्ष नियम विरूद्ध धनराशि लेने की बात जनता के समक्ष कोटेदार एवं उसके पुत्र ने स्वीकार की। कोटेदार द्वारा घटतौली के राशन एवं मनरेगा जॉब कार्डधारकों से वसूल की गई धनराशि वापस करने की बात स्वीकार की।
ग्रामवासियों ने शिकायत की कि विगत माह कोटेदार द्वारा केरोसीन का वितरण नहीं किया गया। यह शिकायत सत्य पाई गई। जांच रिपोर्ट में बताया कि राजकुमार कोटेदार उद्देतलाल का पुत्र है। अपने पिता के साथ मदद के साथ राशन सामग्री का वितरण हर माह कराता है। उसके द्वारा प्रति माह कार्ड की कुल मात्रा में 01 किलो से 3 किलोग्राम तक की घटतौली की गई है। राशन की धनराशि के अलावा कुल कीमत में से 10 रुपये से लेकर 50 रुपया तक कार्डधारकों से वसूला गया। जिसे, वह वापस करने को तैयार है। उसने दो माह का मिट्टी का तेल कार्डधारकों को बिल्कुल नहीं बांटा है तथा महरौनी गोदाम से उठान करने के बाद तेल की बिक्री अन्य जगह पर कर दी है। भविष्य में यह गलती नहीं करेगा।
मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि जांच के बाद पाया गया कि उद्देतलाल उचित दर विक्रेता ग्राम जमौरा द्वारा उचित दर दुकान संचालन एवं राशन वितरण में गंभीर प्रकृति की अनियमितताएं एवं कालाबाजारी की जा रही है। उसके खिलाफ उप्र आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण नियंत्रण का विनियमन) व उप्र किरोसिन कंट्रोल आर्डर का उल्लंघन करने पर धारा 3/7 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। दुकान का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। लिखित स्पष्टीकरण मय साक्ष्य के एक सप्ताह के अंदर मांगा गया है। उक्त दुकान के कार्डधारकों को लखन सिंह उचित दर विक्रेता ग्राम गौना की दुकान से संबद्ध किया गया है।