ललितपुर। जिले में कोरोना वायरस कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से उजागर हो रही है। विभाग द्वारा लिए गए सैंपलों में अब तक चार व्यक्तियों की रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई है। लेकिन, अच्छी बात यह है कि इनके परिजनों, रिश्तेदारों व मित्रों में कोरोना का संक्रमण नहीं फैला है।
दुनियां में कोरोना संक्रमण कहर मचाए हुए हैं। कोरोना एक से कई लोगों में फैला रहा है। इस बात की पुष्टि विश्व स्वास्थ्य संगठन खुद कर रहा है। लेकिन, जिले में कोरोना संक्रमण की कुछ अलग ही है। यहां पर स्वास्थ्य विभाग जिले में बाहर से आए प्रवासी मजदूर व अन्य व्यक्तियों के 2138 सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजे गए हैं। इनमें 1927 सैंपलों की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। इसमें 1924 व्यक्तियों की जांच रिपोर्ट में कोरोना निगेटिव पाया गया है। वहीं चार कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
जिले में पहला मरीज मोहल्ला नदीपुरा निवासी जिला अस्पताल में संविदा कर्मी पाया गया था, जिसकी कोरोना जांच रिपोर्ट मृत्यु के बाद पॉजीटिव पाई गई थी। इस पर 13 परिजनों व 78 अन्य मित्र व संपर्क में आने वाले लोगों का सैंपल लेकर जांच कराई गई थी। इसमें सभी की जांच रिपोर्ट कोरोना निगेटिव पाई गई थी। इसके बाद दूसरा कोरोना संक्रमित मरीज ब्लाक मड़ावरा में स्थित क्वारंटीन सेंटर में मिला था। जो बाहर से आया था, जिसका कोरोना सैंपल लेकर जांच को भेजा गया, जांच में पॉजीटिव पाया गया था। साथ में रहने वाले मामा-मामी समेत अहमदाबाद से आने वाले 18 लोगों व क्वारंटीन सेंटर में रहने व ड्यूटी करने वाले 50 व्यक्तियों के सैंपल भेजे गए थे। जिनमें सभी की जांच रिर्पोट में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है। तीसरा मामला मोहल्ला नेहरुनगर निवासी एक महिला को तेज बुखार व सांस लेने में दिक्कत हुई, जिस पर लक्षण मानकर सैंपल लेकर जांच को भेजा, जांच रिर्पोट में महिला कोरोना संक्रमित पाई गई। इस पर परिजन व संपर्क में आने वाले 16 व्यक्तियों के सैंपल जांच को भेजे गए। सभी की रिर्पोट निगेटिव आई है। चौथा मामला तालबेहट ब्लाक के ग्राम मऊ मजरा रमेशरा में इंदौर से आए व्यक्ति कोराना संक्रमित होने की सूचना मध्य प्रदेश के इंदौर जिला प्रशासन ने दी थी। इस पर परिजनों के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए, लेकिन पहले दिन के सभी सैंपलों की रिर्पोट निगेटिव पाई गई। इससे स्पष्ट होता है कि जिले में कोरोना वायरस संक्रमण कमजोर पड़ रहा है।
जिला अस्पताल प्रशासन ने की लापरवाही
जिले में पहले कोरोना संक्रमित मरीज को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती नहीं किया गया और वह सभी से मेलजोल करता रहा। जबकि वह बाद में कोरोना पॉजीटिव पाया गया था। इस पर जिला अस्पताल में भगदड़ मच गई थी। अस्पताल के कर्मचारियों के सैंपल लेकर क्वारंटीन किया गया। इसी तरह जनपद के तीसरे महिला कोरोना मरीज का सैंपल लेने के बाद अस्पताल से उसे डिस्चार्ज कर दिया। रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद आननफानन में भर्ती कर झांसी भेजा गया था। इसके बाद भी किसी में भी संक्रमण नहीं फैला है।
मरीज पॉजीटिव आने के बाद परिजनों व संपर्क में आने वाले सभी लोगों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं। सभी को क्वारंटीन किया जाता है।
- डॉ. प्रताप सिंह,, मुख्य चिकित्सा अधिकारी