ललितपुर। सरकारी अस्पतालों में इलाज से पहले हो रही कोरोना जांच के कारण 75 फीसदी मरीज निजी अस्पतालों का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में निजी अस्पतालों में अधिक भीड़ जुट रही है और सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक मरीजों का इंतजार कर रहे हैं। पहले प्रतिदिन सरकारी अस्पताल में 12 सौ तक मरीज पहुंच रहे थे, अब कोरोना जांच होने से महज तीन सौ मरीज इलाज कराने आ रहे हैं।
कोरोना संक्रमण की रफ्तार थामने के लिए सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों की कोरोना जांच अनिवार्य कर दी गई है। मरीजों का पर्चा बनने के बाद कोरोना जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों के सैंपल ले रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मरीजों के पर्चा पर रिपोर्ट की स्थिति दर्ज की जाती है। निगेटिव आने पर मरीज को अस्पताल में ओपीडी में दिखाने की अनुमति दी जा रही है।
इलाज से पहले हो रही कोरोना जांच को देखकर अधिकांश मरीजों ने सरकारी अस्पताल से किनारा कर लिया है। सामान्य दिनों में 1200 मरीज इलाज कराने के लिए आते थेे और मौसमी बीमारियों के सीजन में संख्या बढ़कर 1500 तक पहुंच जाती थी। अस्पताल में मरीजों को पलंग तक नहीं मिल पाते थे। लेकिन, अब इलाज से पहले कोरोना की जांच से मरीजों की संख्या में 75 फीसदी कम हो गई है। जबकि, निजी अस्पतालों में मरीजों की खासी भीड़ जुट रही है। निजी क्लीनिक से लेकर नर्सिंग होम और पैथालॉजी लैब में मरीजों को बैठने के लिए भी जगह नहीं बच रही है। इससे स्पष्ट है कि लोगों में कोरोना संक्रमण का भय गया नहीं है।
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पैथालॉजी में जांच से भी कतरा रहे
जिला अस्पताल में ओपीडी के अलावा मरीज को पैथोलॉजी में जांच, सीटी स्कैन व एक्सरे कराने के लिए कोराना जांच कराना अनिवार्य है। इमरजेंसी में उपचार के दौरान भर्ती होने की स्थिति में भी मरीज की कोरोना जांच कराई जा रही है। इससे अधिकांश मरीज जिला अस्पताल में जांच कराने से कतरा रहे हैं।
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प्रतिदिन तीन सौ जांच
जिला अस्पताल में इलाज व जांच कराने के लिए आने से पहले कोरोना जांच कराना पड़ रही है। एंटीजन किट से जांच की जा रही है। इससे 15 मिनट में रिपोर्ट आ रही है। रिपोर्ट निगेटिव होने पर जांच और इलाज करा रहे हैं। यहां भर्ती, जांच व इलाज कराने आने वाले लगभग तीन सौ मरीजों की कोरोना जांच प्रतिदिन हो रही है।
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मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा पर्याप्त मात्रा में एंटीजन किट उपलब्ध कराई जा रही है। प्रतिदिन जांच, ओपीडी और भर्ती होने वाले तीन सौ मरीजों की जांच की जा रही है।
- डा. अमित चतुर्वेदी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल पुरुष