फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना से नहीं हो पा रहे विवाह व मांगलिक कार्यक्रम

विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। शहनाई की धुन पर वैश्विक बीमारी कोरोना वायरस का ब्रेक लग गया है। लॉकडाउन होने से कई मांगलिक कार्य नहीं हो पा रहे हैं। अब बैंड- बाजा बारात के लिए लॉकडाउन हटने तक का इंतजार करना पड़ेगा।
विज्ञापन

देश में लॉकडाउन के कारण वाहनों की आवाजाही से लेकर तमाम सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ एकत्रित होने पर रोक लगाई गई है। जिससे संक्रमण की चेन को रोका जा सके। लेकिन, इससे लोगों के मंगलिक कार्यों पर भी ब्रेक लग गया है। लॉकडाउन में दुकानों के खुलने पर रोक लगाई गई है, केवल आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के ही खोलने पर अनुमति दी गई है। दुकानों के खुलने का समय तय किया गया है और बचाव के नियमों के पालन के साथ खोलने की अनुमति दी गई है।
इससे लोगों को मांगलिक कार्यों के लिए सभी वस्तुएं नहीं मिल रहीं हैं। विवाह समारोह में शामयाना, कपड़ों की दुकानें, सोने-चांदी के जेवर नहीं मिल रहे हैं। इससे लोगों के विवाह समारोह भी थम गए हैं। महामारी से बचने के लिए अधिक महत्वपूर्ण भीड़ एकत्रित नहीं करने और घरों में ही रहनेे की सलाह दी जा रही है। जबकि, विवाह उत्सव में लोग चाहते हैं कि रिश्तेदार शामिल हों, लेकिन प्रदेश व जिले की सीमाएं सील होने से आवागन पूूरी तरह से प्रतिबंध है। लोग अपने निमंत्रण भी रिश्तेदारों के यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई लोगों ने 14 अप्रैल को लॉकडाउन खुलने की उम्मीद लगाकर कार्ड छपवा लिए थे, लेकिन सीमाएं नहीं खुलने के चलते बांट नहीं सके। लॉकडाउन बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों ने अब यह उम्मीद छोड़ दी है कि शादियां हो पाएंगी। कुछ लोगों का मानना है कि अगर मई और जून में शादियां होती भी हैं तो संक्रमण के खतरे को देखते हुए दूरदराज से आने वाले मेहमान नहीं आएंगे। ऐसे में शादियों को तारीख टालना ही बेहतर समझ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह हैं विवाह मुहूर्त
अप्रैल - 20, 25, 26, 27
मई - 1 से 8, 10, 12, 17, 18, 19, 23, 24, 29
कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए एक स्थान पर अधिक भीड़ न हो, इसके लिए 144 धारा लागू की गई है। ऐसे में विवाह की अनुमति नहीं दी जा रही है।
- मोहम्मद कमर, उपजिलाधिकारी, तालबेहट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें