संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नवनीत कुमार भारती की अदालत ने चार वर्ष पुराने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में एक आरोपी को दोषी करार देते हुए बीस वर्ष के कारावास और 23 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
कोतवाली अंतर्गत एक ग्राम निवासी महिला ने चार वर्ष पहले पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि 16 अक्तूबर 2022 को दोपहर करीब ढाई बजे वह घरेलू कार्यों में व्यस्त थी। उसी समय उसकी 14 वर्षीय बेटी घर से बाहर जाने की बात कहकर गई थी, जो वापस नहीं लौटी। जब वह काफी देर तक वापस नहीं आई तो उसने काफी खोजबीन की, जिस पर उसे पता चला कि शहर के मोहल्ला नेहरूनगर बी केबिन के पास निवासी नीतेश अहिरवार व सोनू अहिरवार उसकी बेटी को अपने साथ ले गए हैं। इस पर कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
कोतवाली पुलिस ने विवेचना के दौरान दूसरे आरोपी सोनू की संलिप्ता नहीं पाए जाने पर उसका नाम अलग कर दिया था। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर आरोपी नीतेश को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद किशोरी के बयानों व साक्ष्यों के आधार पर दुष्कर्म की धाराओं में वृद्धि कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे, तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गईं दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त नीतेश को दुष्कर्म में दोषी पाते हुए बीस वर्ष के कठोर कारावास एवं कुल 23 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह गौर ने बताया कि न्यायालय ने अर्थदंड की राशि वसूल होने पर संपूर्ण धनराशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने के आदेश भी दिए हैं।