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बिल वसूली के नाम पर कुछ संविदा कर्मी लगा रहे चूना

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electric mwtwr.jpeg - फोटो : electric mwtwr.jpeg
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तालबेहट। विद्युत विभाग में कार्यरत कुछ संविदा कर्मचारी बिजली बिल के नाम पर उपभोक्ताओं को चूना लगा रहे हैं। ऐसे ही एक कर्मचारी का मामला सोशल मीडिया पर खूब चर्चाओं में है। इसमें कर्मचारी ने उपभोक्ता को फर्जी बिल थमाकर उससे पंद्रह हजार रुपए वसूले और उसे जमा की कंप्यूटर से फर्जी रसीद निकाल कर दे दी। जब उपभोक्ता ने उसकी जांच कराई तो धोखाधड़ी सामने आने पर वह सन्न रह गया। इसकी शिकायत उसने विद्युत विभाग सहित अन्य उच्चाधिकारियों से करते हुए आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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पहले से काफी घाटे में चल रही बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए विभागीय कर्मचारी और अधिकारी दिन रात वसूली करने में लगे है। चोरी से विद्युत का उपयोग करने वालों पर लगाम कसने के लिए जनपद में बिजिलेंस टीम का कार्यालय खोल दिया गया है। इसके बावजूद कर्मचारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे है। नगर के हटवारा निवासी परवेश गुप्ता ने उपखंड अधिकारी सहित अन्य उच्चाधिकारियों को दिए अपने शिकायती पत्र में अवगत कराया कि उनकी भाभी के नाम ग्राम बम्होरीसर में एक ढ़ाबा है। एक संविदा कर्मचारी ने उसके घर पर जाकर ढ़ाबा का पन्द्रह हजार रुपए का बिल बताते हुए उससे पैसे ले लिए। कुछ समय बाद उसने 14969 रूपए की जमा की रसीद दी।
अधिक बिल आने के कारण उपखंड कार्यालय गया और उक्त रसीद को वहां दिखाते हुए बिल अधिक आने का कारण पूंछा तो वहां कार्यरत कर्मचारी उक्त रसीद को देखकर हतप्रभ रह गए। उन्होंने उपभोक्ता को उसके साथ हुई ठगी की बात बताई। उसने पूरे मामले की जांच कराते हुए आरोपी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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और भी है कई मामले -
नगर एवं क्षेत्र में विद्युत उपभोक्ताओं से ठगी करने का यह पहला मामला नहीं है। ऐसे कई मामले है,जिनमें संविदा कर्मचारी मीटर रीडिंग से अधिक का बिल थमा देते है। बाद में जब उपभोक्ता अधिक बिल आने की बात कहते है तो यह बिल कम कराने ने नाम पर चूना लगाते हैं ।
आखिर कहां बनाई गई रसीदें -
- उपभोक्ताओं को चूना लगाने के इस खेल में मीटर रीडर के अलावा कम्प्यूटर संचालक भी शामिल नजर आ रहे हैं। इनके माध्यम से फर्जी रसीदें बनाकर उपभोक्ताओं को थमाई जा रही है। यदि इन मामलों की गहराई से जांच की जाए तो कई और मामले उजागर हो सकते है।
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- उपभोक्ता का लिखित शिकायती पत्र मिला था। इसके बाद आरोपी कर्मी की प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कंपनी को पत्र लिख दिया गया है।
- अक्षय विश्वकर्मा, उपखंड अधिकारी विद्युत तालबेहट
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