संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बचत खाताधारक की मृत्यु के बाद भारतीय जीवन बीमा कंपनी ने क्लेम के दो लाख रुपये अदा नहीं किए, जबकि जीवन ज्योति बीमा के तहत बैंक से प्रतिवर्ष 330 रुपये प्रीमियम काटा गया। उपभोक्ता फोरम ने दो लाख रुपये पर सात प्रतिशत ब्याज की दर से भुगतान करने का आदेश सुनाते हुए दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
थाना जखौरा कस्बा बांसी निवासी अनीता देवी पत्नी स्व. मेहरबान सिंह ने न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में प्रार्थना पत्र दिया था, जिसमें बताया कि उसके पति का बचत खाता जिला सहकारी बैंक में था। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत पॉलिसी ली थी, जिसका 330 रुपये प्रतिवर्ष प्रीमियम भी काटा जाता रहा। उसके पति की मृत्यु तीन जून 2018 को हो गई थी। जब उसने क्लेम के लिए आवेदन किया तो बीमा कंपनी ने क्लेम नहीं दिया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष सीताराम वर्मा व सदस्य ओम प्रकाश विश्वकर्मा ने भारतीय जीवन बीमा निगम को क्लेम के दो लाख रुपये सात प्रतिशत ब्याज की दर से अदा करते हुए दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।