संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कैलगुवां चौराहा पर बन रहे अंडरपास में बाधक बने खंभे और पाइप लाइन के शिफ्ट हो जाने से इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। अब निर्माण रफ्तार पकड़ेगा।
झांसी-सागर नेशनल हाईवे-44 यहां करीब 60 से 80 किलोमीटर लंबा है। हाईवे पर वाहनों का संचालन शुरू होने के बाद यहां आए दिन हादसे होने लगे थे। इसे देखते हुए कई स्थानों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया था। हाईवे पर कैलगुवां चौराहा भी इसमें शामिल था। शासन ने यहां अंडरपास बनाने को स्वीकृति प्रदान की थी। बिहार की एक कंपनी को निर्माण के लिए नामित किया था। कार्यदायी संस्था ने प्रथम चरण में कैलगुवां चौराहे से शहजाद नदी पुल तक सड़क के दोनों ओर 300-300 मीटर की सर्विस रोड बनाना शुरू कर दिया था, लेकिन सर्विस रोड पर ट्रांसफार्मर, बिजली के खंभे और पाइप लाइन आ गई। एनएचएआई व बिजली विभाग के अधिकारियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन नतीजा नहीं निकल रहा था। हाल में जब जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के समक्ष यह मसला आया तो उन्होंने निर्माण जल्द शुरू करने के आदेश दिए। इसके बाद दोनों विभागों में सहमति बनी। निर्माण में बाधा बने खंभे, ट्रांसफार्मर व पाइप लाइन को भी शिफ्ट कर दिया गया। अब अंडरपास के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
लंबे समय तक अंडरपास निर्माण की चली थी मांग
हाईवे पर ब्लैक स्पॉट घोषित कैलगुवां चौराहे पर ओवर या अंडरब्रिज बनाने की मांग लगातार उठाई जा रही थी। यहां अंडरब्रिज बनाने के लिए एनएचएआई ने सर्वे कराया तो इस स्थान पर सबसे ज्यादा हादसे होना पाया गया था। इसके बाद एस्टीमेट बनाकर शासन को भेज दिया गया था।
-
खंभा व ट्रांसफार्मर न हटने से बंद था निर्माण
अंडरपास के लिए बनाए जा रहे सर्विस रोड के बीच खंभों व ट्रांसफार्मर को स्थानांतरित करने को जब एनएचएआई ने बिजली विभाग से कहा तो बिजली विभाग ने इनको शिफ्ट करने का रुपया जमा करने की बात कही थी। एनएचएआई ने यह कहते हुए शिफ्टिंग का रुपया जमा करने से मना कर दिया था कि उक्त खंभे व ट्रांसफार्मर हाईवे निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहित करने के बाद बिजली विभाग ने लगाए थे। ट्रांसफार्मर व खंभे न हट पाने के कारण निर्माण बंद हो गया था।
कैलगुवां चौराहा पर बन रहे अंडरपास के रास्ते में लगे खंभे, ट्रांसफार्मर और पाइप लाइन को शिफ्ट कर दिया गया है। अब निर्माण तेजी से कराया जाएगा।
सुनील जैन, परियोजना निदेशक एनएचएआई