संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नगर के प्रमुख मार्गों में यातायात सुगम हो गया है। यहां पर नालों व नदी पर संकरे पुलों को ढहाकर उच्चीकरण के साथ निर्माण किया गया है। इससे वाहन आमने-सामने सुगमता से क्रॉस हो रहे हैं। इससे जाम जैसी समस्याओं से निजात मिली है। वहीं रेलवे लाइन पर भी ओवरब्रिज का निर्माण होने से रेलवे क्रॉसिंग से निजात मिल गई है।
ललितपुर में ब्यानानाला पर संकरा पुल था, जिससे आमने-सामने से दो भारी वाहन क्रॉस नहीं हो पाते थे। वहीं शहजाद नदी के पुल पर भी समस्या बनी हुई थी। ऐसे में दोनों स्थानों पर जाम की स्थिति बनी रहती थी। वहीं बड़ापुरा का नीचा पुल समस्या था। यही नहीं शहर के देवगढ़ मार्ग में रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से लोगों को काफी देर खड़ा रहना पड़ता था। ऐसे में शहर जाम की झाम में फंसा हुआ था।
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ब्यानानाला पर बना पुल
नगर के प्रमुख मार्ग के ब्यानानाला पर वर्ष 2022 में चौड़ीकरण के साथ पुल निर्माण की शुरूआत की गई। वर्तमान में पुल अधिक ऊंचाई पर बना हुआ है। पर्याप्त चौड़ाई होने से वाहनों की आवाजाही सुगम हो गई है। लगातार बारिश होने के बाद भी आवागमन प्रभावित नही होता है। इससे जाम की समस्या से निजात मिल गई है।
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हाईवे पर कैलगुवां चौराहा पर बना ओवरब्रिज
शहर से निकले हाईवे से कैलगुवां मार्ग क्रॉस करता था। यहां पर पुल न होने से आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती थीं। इसमें कई लोगाें की जान तक चली गई। इस पर बीते वर्षों में ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया गया था, जो बीते माह बनकर तैयार हो गया था। अब वाहन सुविधा के साथ आवागमन कर रहे हैं।
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देवगढ़ रेलवे क्रॉसिंग पर बना ओवरब्रिज
शहर से देवगढ़ मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग थी। यहां से शहर की लगभग 30 हजार की आबादी व 50 गांव के लोग आवागमन करते थे। दिल्ली-मुंबई लाइन होने से यातायात भी अधिक होता है। ऐसे में क्रॉसिंग खुलने के लिए अधिक देर तक इंतजार करना पड़ता था। लगभग तीन वर्ष पहले पुल तैयार होने से सुविधा हो गई है।
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नदीपुरा शहजाद नदी पर बन रहा पुल
शहर में शहजाद नदी पर ब्रिटिश शासन काल का पुल बना हुआ था, जो संकरा होने से वाहनों की क्रॉस करने में परेशानी होती थी। साथ ही बारिश में बांध के गेट खुलने पर पुल डूब जाता था। अब पुल का निर्माण कार्य चल रहा है जो जल्द ही पूर्ण होगा। इससे आवागमन सुगम होगा।
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खिरकापुरा में बना पुल
शहर में बानपुर, टीकमगढ़, महरौनी से आने पर लोग खिरकापुरा से आते थे। यहां पर पुल नीचा व संकरा था। इससे पुल से दो वाहन की निकासी नहीं हो पाती थी। वहीं बारिश के मौसम में पुल से आवागमन बंद हो जाता था। इससे लोगों को पांच किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना होता था। अब पुल बनने से राहत हो गई है।