संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए 1500 केएलडी के सीडब्ल्यूआर (स्वच्छ जलाशय) के निर्माण को प्रयोगशाला से मिट्टी की रिपोर्ट आने का इंतजार है। निर्माण स्थल से कार्यदायी संस्था ने मिट्टी के नमूने लेकर लखनऊ प्रयोगशाला भेजे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद निर्माण शुरू किया जाएगा। इससे शहर में पेयजल का संकट दूर हो जाएगा।
शहर में वर्ष 2025 तक शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति की सुविधा के लिए अमृत योजना 0.2 अंतर्गत 143 करोड़ से कार्य कराया जाना है। इसके अंतर्गत वंचित क्षेत्रों के साथ ही मरम्मतीकरण भी किया जाना है। डोडाघाट में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए बने तीन स्वच्छ जलाशय 13, 10 और आठ केएलडी (किलोलीटर प्रति दिन) की क्षमता के थे, जो लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। ऐसे में लोगों को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। जल निगम तीनों स्वच्छ जलाशय के स्थान पर एक 1500 केएलडी का एक नया सीडब्ल्यूआर बनाएगा, जिसके लिए डोडाघाट में पंप हाऊस के पास खाली पड़ी जमीन को चिह्नित किया गया है। जल निगम ने बीते दिनों अलग-अलग जगह से नमूने लिए हैं। इनको लखनऊ जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट विभाग को सुपुर्द की जाएगी। इसके बाद स्वीकृति मिलने पर निर्माण किया जाएगा। कार्यदायी संस्था ने सीडब्ल्यूआर के निर्माण के लिए साफ-सफाई समेत अन्य कार्य पूर्ण कर लिए हैं। 1500 केएलडी के नए सीडब्ल्यूआर बनने से शुद्ध पानी के स्टॉक की क्षमता पर्याप्त हो जाएगी।
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डोंडाघाट में 1500 केएलडी के नए सीडब्ल्यूआर को बनाने के लिए मिट्टी के नमूने लखनऊ में जांच को भेजे गए हैं। निर्माण शुरू करने के लिए मिट्टी की जांच रिपोर्ट मिलने का इंतजार है।
- मानसिंह पाल, अधिशासी अभियंता, जल निगम, शहरी इकाई