ललितपुर। मध्य प्रदेश पुलिस ने इंदौर के व्यापारी के पुत्र अपहरण की घटना का पटाक्षेप कर दिया है। व्यापारी के पुत्र ने ही साथियों संग मिलकर पिता से फिरौती के बहाने रुपये वसूली को अपने अपहरण की साजिश रची थी। अपहरण की योजना में शामिल साथियों की तलाश में मंगलवार को इंदौर पुलिस ने जिले के विभिन्न स्थानों पर दबिश दी।
इंदौर के टीआई सुशील कुमार, एएसआई एमएस बघेल की टीम ने मंगलवार को जिले की पुलिस के साथ चार युवकों की तलाश में सदर क्षेत्र, नेहरूनगर क्षेत्र और तालबेहट क्षेत्र में दबिश दी। टीआई सुशील कुमार ने यहां आकर पुलिस को बताया कि 21 जून को कथित अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटकर भागे जतिन वासवानी ने ही अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपने अपहरण की साजिश रची थी, क्योंकि वह आईपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट में लाखों रुपया हार गया था, पिता से मांगने पर भी उसे रुपये नहीं मिल रहे थे।
पिता से फिरौती के रूप में रकम वसूल करने के उद्देश्य से उसने अपहरण की योजना तैयार कर थी, जिसमें सदर क्षेत्र, नेहरूनगर और तालबेहट क्षेत्र के युवकों को शामिल किया गया था। मालूम हो कि, 21 जून को जिला अस्पताल में साथियों से चंगुल से छूटकर भागे जतिन ने कोतवाली आकर अपने अपहरण की चौंकाने वाली कहानी सुनाई थी। बाद में एमपी पुलिस के साथ आए पिता सूर्या वासवानी अपने पुत्र को लेकर वापस चले गए थे, जबकि मध्य प्रदेश पुलिस गाड़ी लेकर भागे दोस्तों को तलाश कर रही थी।
ऐसे खुला राज
जतिन का कहना था कि साथी राजवर्धन ने उसे उधारी के रुपये देने के लिए सीहोर बुलाया था, जैसे ही वह गाड़ी लेकर सीहोर पहुंचा राजवर्धन के साथियों ने उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद सभी तालबेहट क्षेत्र के एक गांव ले गए, जहां अपहरणकर्ताओं का एक साथी देर रात शराब पीकर छत से गिर गया, उसे जिला अस्पताल आने पर वह मौका पाकर चंगुल से छूटकर भाग गया। ललितपुर से इंदौर पहुंचने के बाद पुलिस ने राजवर्धन को जतिन के सामने खड़ा कर दिया। राजवर्धन ने अपहरण की झूठी कहानी का खुलासा कर दिया।
कॉल डिटेल के आधार पर दी दबिश
जतिन की बरामदगी के बाद भी एमपी पुलिस ने उसे खुलासे का अहसास नहीं होनेे दिया, नतीजतन जतिन मोबाइल पर अपने साथियों से लगातार संपर्क करता रहा। कॉल डिटेल के आधार पर एमपी पुलिस ने जिले के विभिन्न स्थानों पर रहने वाले जतिन के साथियों का ब्योरा एकत्रित किया। इसके बाद मंगलवार को उनके घर दबिश दी गई, लेकिन वे नहीं मिले।