अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर-डोंगराखुर्द। प्रयाग पीठाधीश्वर स्वामी ओंकारानंद सरस्वती ने कहा कि कुंभ में सनातन धर्म के संतों को धर्म के विरुद्ध चल रहे षड्यंत्रों को लेकर एकजुट होना पड़ेगा। वह सोमवार रात नई बस्ती में श्री खाटूश्याम जन्मोत्सव पर आयोजित भजन संध्या में शामिल हुए।
मंगलवार सुबह स्वामी ओंकारानंद ने चंडी माता के दर्शन कर पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर से मुलाकात कर प्रयागराज में महाकुंभ को लेकर विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के मंदिरों पर जानबूझकर जो मूर्तियां बैठा दी गई हैं, उनको अपने मंदिरों से हटा कर सनातन धर्म की शुद्ध परंपरा को स्थापित करना है। किसी ने अगर परंपरा के विरुद्ध किसी की भी मूर्ति बैठा ली, तो उसको दंडित किया जाएगा। योगी सरकार द्वारा प्रयागराज में महाकुंभ की तैयारी की सराहना करते हुए कहा कि अब तक गंगा पर कभी भी पक्के घाट नहीं बने थे, लेकिन योगी सरकार ने पक्के घाट बनाकर प्रयागराज की महिमा बढ़ाई है।
इस दौरान चंद्रेश्वर गिरि महाराज, कृष्ण सखा उद्धव महाराज, आचार्य महेंद्र त्रिपाठी, पातालेश्वर महाराज, डॉक्टर जितेंद्र कौशिक, कौस्तुभ चौबे, मुहिल चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
सुबह करीब 10.30 बजे वह ओरछाधाम के लिए कार से रवाना हो गए।