ललितपुर। नगर कांग्रेस कमेटी ने गेहूं में बालू मिक्स होने के मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज होकर राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी न्यायिक को सौंपा। उन्होंने कहा कि संस्था को काली सूची में डाला जाए और उसके खिलाफ एफआईआर की जाए। नगर अध्यक्ष ने घर पर ही तीन दिन का उपवास करने की घोषणा की है।
नगर अध्यक्ष हरीबाबू शर्मा ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि एक प्राइवेट संस्था ने बजर्रा गेहूं खरीद केंद्र पर गेहूं के साथ बालू खरीद ली। जब इस गेहूं की डिलीवरी गोदाम में हो रही थी, उसी दौरान एफसीआई ने एक हजार गेहूं की बोरी में बालू की मिलावट पकड़ ली थी। कांग्रेस ने सात जून को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा था। जिलाधिकारी ने जांच कराई, लेकिन दोषियों पर कोई मामला नहीं बनने पर क्लीन चिट दे दी। ज्ञापन में बताया कि यदि एफसीआई ने उस माल को रिजेक्ट कर दिया, तो क्रय केंद्र संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? गेहूं की खरीद होती है, तो किसान से साफ गेहूं लिया जाता है। क्रय केंद्र पर कई बार छन्ना भी लगाया जाता है। क्रय केंद्र पर गड़बड़ी पर नजर रखने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाते हैं। ऐसे में जांच की जानी चाहिए। दोषी संस्था को काली सूची में डाला जाना चाहिए। कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन पर अजय तोमर, अंकित यादव, बहादुर एडवोकेट, प्रदीप रिछारिया, रामरनरेश दुबे, मो. आसिफ के हस्ताक्षर बने हैं।
गेहूं खरीद में गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कराने की मांग को लेकर 11 जून से तीन दिन तक उपवास घर पर करेंगे। इस संबंध में प्रशासन व एलआईयू को सूचना दे दी गई है।
- हरीबाबू शर्मा, नगर अध्यक्ष, कांग्रेस