ललितपुर। कलक्ट्रेट प्रांगण में जिला कांग्रेस कमेटी ने किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि निजी ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शन के रेट काफी बढ़ा दिए गए हैं। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। इस संबंध में राज्यपाल के नाम पर एडीएम को ज्ञापन सौंपा है।
जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह राजपूत ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में चल रहे केंद्रों पर धान कम खरीदी जा रही है। इस दौरान नमी के नाम पर घटतौली की जा रही है, साथ ही समर्थन मूल्य से काफी कम रेट पर धान खरीदी की जा रही है। कई जिलों में अभी धान क्रय केंद्र भी नहीं खोले गए हैं, इससे किसानों को परेशानी बढ़ गई है। गन्ना का बकाया भुगतान भी किसानों को अभी तक नहीं मिला है, साथ ही निजी ट्यूबवेल के बिजली कनेक्शन के रेट की दर काफी बढ़ा दिए गए हैं। वहीं, गेहूं खुले बाजार में किसानों के अनाज को कम रेट पर खरीद की जा रही है, जिससे किसान लगातार आर्थिक रूप से कमजोर हो रहे हैं। इसके उपरांत राज्यपाल के नाम अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
जिला कार्यालय में सोशल मीडिया के बुंदेलखंड प्रभारी प्रदेश समन्वयक रनीश कबीर के साथ कार्यकर्ताओं की बैठक हुई। बैठक में जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह राजपूत, पीसीसी बहादुर अहिरवार, बिट्टू राजा, प्रदीप रिछारिया, दीक्षा परमार, राकेश रजक एड, पुनीत देवलिया एड, धनीराम अहिरवार, सुनील खजुरिया, शिवनारायण पुरोहित, रामनरेश दुबे, समद खान, असलम खान, अजय तोमर आदि उपस्थित रहे।
किसान विभिन्न समस्याओं को लेकर घंटाघर प्रांगण में रखेंगे उपवास
तीन चरणों में आंदोलन करने का लिया निर्णय, डीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। प्रगतिशील किसान जनमोर्चा के पदाधिकारियों ने विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए चार नवंबर से घंटाघर प्रांगण में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष शांतिपूर्ण तरीके से उपवास करने की चेतावनी दी है।
अध्यक्ष बाबूलाल दुबे ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि जिले में लंबे समय से किसानों की अनेक समस्याएं चली आ रही हैं, इनके निराकरण के लिए कई बार धरना, प्रदर्शन किए गए। हर बार किसानों को झूठे आश्वासन देकर उनके आंदोलन को समाप्त करवा दिया जाता है। प्रशासन की इस तरह की कार्यप्रणाली के मद्देनजर चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है। प्रथम चरण में चार नवंबर को घंटाघर प्रांगण में शांतिपूर्वक तरीके से उपवास किया जाएगा। द्वितीय चरण में बीस नवंबर को जिलास्तरीय अधिकारियों के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा, साथ ही बैंक कार्यालय की तालाबंदी की जाएगी व ओरिएंटल इंश्योरेंस बीमा कंपनी कार्यालय व एचडीएफसी कंपनी का कार्यालय भी बंद कराया जाएगा। तृतीय चरण में तुवन चौराहा व कचहरी चौराहा पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। धरना प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक मांगे मान नहीं ली जाती हैं। ज्ञापन पर ऊदल सिंह पटेल, नंदलाल पहलवान, द्वारका प्रसाद के हस्ताक्षर हैं।
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ये हैं मांगें
खरीफ की फसल 2018 का लगभग चार हजार किसानों का बीमा क्लेम अभी तक नहीं दिया गया है। खरीफ 2020 का बीमा क्लेम तुरंत दिया जाए। इसके अलावा जिले में चकबंदी प्रक्रिया को भ्रष्टाचार से मुक्त करने, बीमा कंपनी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दायर कराने, 7551 किसानों का बीमा क्लेम का भुगतान कराने की भी मांग शामिल है।