झांसी। कांग्रेस विधान मंडल के नेता प्रदीप माथुर ने कहा कि बुंदेलखंड में अकाल जैसे हालात हैं। खेत रेगिस्तान में बदल गए हैं। बुंदेलखंड के किसानों को प्रदेश सरकार की योजनाओं का कोई भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। केंद्र सरकार भी किसानों पर ध्यान नहीं दे रही है। ऐसे हालातों में प्रदेश सरकार को बुंदेलखंड पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। वह मंगलवार को महोबा व ललितपुर क्षेत्र में सूखे के हालातों को देखने के बाद सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड का किसान अपने को ठगा सा महसूस कर रहा है।
सूखे व ओलावृष्टि के नाम से जो मुआवजा आ रहा है, वह अफसरशाही के चक्कर में आम आदमी तक नहीं पहुंच पा रहा है। लेखपालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पात्रों को 162 रुपये के चेक थमाए जा रहे हैं, जबकि अपात्रों को फायदा पहुंचाकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस बजट की निगरानी के लिए आम जनता व एनजीओ के लोगों को शामिल करना चाहिए। आगामी 29 जनवरी को शुरू होने वाले विधान सभा सत्र में कांग्रेस बुंदेलखंड में अकाल घोषित करने की मांग करेगी। अगर सरकार ने इसमें रुचि नहीं दिखाई तो सत्र नहीं चलने दिया जाएगा।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह जुमलों की सरकार है। सरकार का काम मूर्ख बनाना व पब्लिसिटी करना रह गया है। केंद्र सरकार को तत्काल बुंदेलखंड को विशेष पैकेज देना चाहिए। साथ ही मोदी सरकार को तत्काल प्रभाव से यहां के किसानों के कर्ज व प्रदेश सरकार को कोऑपरेटिव बैंकों के लोन माफ करने चाहिए। उन्होंने बताया कि 23 जनवरी को उनके नेता राहुल गांधी बुंदेलखंड में सूखे के हालात जानने आ रहे हैं। वह महोबा क्षेत्र के ग्राम सूपा से लालपुर तक सात किलोमीटर पदयात्रा करेंगे। तदुपरांत लालपुर में आयोजित सभा को संबोधित करेंगे। राहुल गांधी बुंदेलखंड के हालातों को संसद में उठाएंगे।
वर्ष 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस की चुनाव को लेकर जबरदस्त तैयारी चल रही है। इस बार अप्रत्याशित परिणाम सामने आएंगे। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि प्रधानमंत्री को किसानों से बदबू आती है। उन्होंने अभी तक किसानों की दशा पर एक भी वक्तव्य नहीं दिया है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, शहर अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन, मनीराम कुशवाहा, हरीश लाल, अनिल झा आदि मौजूद थे।