ललितपुर। पर्यटन विभाग द्वारा जनपद के पर्यटन स्थलों को वैश्विक पटल पर लाने के लिए कॉफी टेबल बुक बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। इस पुस्तिका में जनपद के पर्यटन स्थलों की संक्षिप्त जानकारी, मुख्यालय से दूरी व सुगम रास्तों का संक्षिप्त मानचित्र उपलब्ध कराया जाएगा।
पर्यटन विकास को लेकर जनपद स्तर पर अब तेजी से कार्य होने जा रहे हैं। जनपद के पर्यटन स्थलों को विश्व स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए कॉफी टेबल बुक तैयार की जा रही है। पर्यटन स्थलों को दर्शाने वाली यह पुस्तिका रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के अलावा अन्य जनपदों के भी पर्यटन संपर्क केंद्रों पर मौजूद रहेगी।
इस पुस्तिका को अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर स्थापित पर्यटन बूथ पर भी रखा जाएगा। जिससे विदेशों से आने वाले पर्यटक भी इन पर्यटन स्थलों पर आ सकें। बताते चले कि जनपद में चंदेलकालीन शिल्पकला, एतिहासिक किले, प्राचीन बौद्ध गुफाओं के अलावा विहंगम वन क्षेत्र भी मौजूद है।
बेतवा नदी से विंध्याचल पर्वत का रमणीक इलाका मनमोह लेता है। इन क्षेत्रों के विकास के लिए तो शासन की ओर से समय-समय पर धनराशि उपलब्ध कराई ही जा रही है। लेकिन, देश-विदेश के सैलानियों को लुभाने के लिए यह पुस्तिका काफी सहायक होगी।
यह पर्यटन व एतिहासिक स्थल होंगे शामिल
दूधई, अमझराघाटी, मदनपुर, बार, सिरसी, माताटीला, करकरावल, राजघाट, बालाबेहट, बानपुर, लंखजर, कनकद्दर, देवगढ, बौद्ध गुफाएं देवगढ, दशावतार मंदिर देवगढ़, रणछोरधाम व मुचकुंद गुफा, सिरोंजजी, चंडीमाता मंदिर जल प्रपात, बंट, बंदरगुढ़ा, जमालपुर, चांदपुर-जहाजपुर, पावागिरि, नीलकंठेश्वर मंदिर पाली, पांडव वन, तालबेहट, सदनशाह बाबा दरगाह।
जनपद में पर्यटन को बढ़ावा देने और देश-विदेश के सैलानियों को इन पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित करने के लिए कॉफी टेबल बुक तैयार कराई जा रही है। इसमें पर्यटन स्थलों तक पहुंचने से लेकर इनके एतिहासिक महत्व लिखा रहेगा। जिससे कि सैलानी आकर्षित होकर इन स्थलों पर आएं।
हेमलता, पर्यटक अधिकारी/सचिव जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद