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शहर में तड़के सुबह से चलने लगते कोचिंग सेंटर

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देर शाम तक शहर में संचालित हो रहे कोचिंग सेंटर - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। बेटियों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर सुबह से लेकर देर शाम तक शहर में कोचिंग सेंटर संचालित किए जाते हैं। सुबह और शाम के समय बढ़ रही सर्दी के चलते अधिकांश गलियों व सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। ऐसे में शोहदे सक्रिय हो जाते हैं और वे कोचिंग सेंटरों के आसपास मंडराने लगते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अफसर व कोचिंग संचालक मौन हैं।
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बीते दिनों झांसी में एक कोचिंग सेंटर के गेट पर छात्रा से हुई छेड़खानी और खुदकुशी की घटना से भी जिले के कोचिंग सेंटर संचालक सबक नहीं ले रहे हैं। जिले में पंजीकृत 257 में से कई संचालक सुबह से कोचिंग का संचालन करने लगते हैं। कइयों की कोचिंग कक्षाएं देर शाम तक चलती रहती हैं। सुबह और शाम के समय सर्दी ज्यादा होने से लोग अपने घरों के अंदर रहते हैं। इससे गलियों व सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। इसका लाभ उठाने के लिए शोहदे सक्रिय हो जाते हैं और वे प्रमुख कोचिंग सेंटरों के इर्दगिर्द दिखाई देते हैं। ऐसे में बालिकाएं शोहदों को देखकर सहम जाती हैं, उधर कोर्स पिछड़ जाने की चिंता में कोचिंग की कक्षाओं को भी नहीं छोड़ पाती हैं।
गाइड लाइन की उड़ाई जा रहीं धज्जियां
शहर के अधिकांश कोचिंग सेंटर में शासन की कोविड गाइड लाइन की खुलेआम धज्जियां उड़ाईं जा रहीं हैं। कोचिंग सेंटरों में पंजीकृत सभी छात्रों को एक साथ कक्षा में बैठाया जा रहा है। नियमत:आधी संख्या में छात्रों को एख साथ बैठाकर कक्षा चलाने के निर्देश हैं, साथ ही सैनिटाइजर व मास्क का उपयोग भी करना है। पर, ऐसा नहीं हो रहा है।
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जिले में अधिकांश कोचिंग संस्थानों में सुबह करीब 5.30 बजे से शाम करीब 7.30 बजे तक बैच लगाए जाते हैं, जो कि छात्राओं की सुरक्षा के लिहाज से सही नहीं हैं। इस समय प्रदेश में छात्राओं के साथ आपराधिक घटनाएं बढ़ी हैं। अभिभावकों को चाहिए कि अपनी बालिकाओं को एकदम सुबह जल्दी कोचिंग सेंटर नहीं भेजें। सर्द ऋतु आते ही शिक्षण संस्थानों के समय बदल दिए जाने चाहिए। जिला प्रशासन को बालिकाओं की सुरक्षा पर नजर रखनी चाहिए और स्वत: संज्ञान लेकर कोचिंग सेंटर की कक्षाओं का समय सुबह 8 बजे से और शाम 6 बजे तक ही रखना चाहिए।
रितिक शुक्ला मोंटी जिलाध्यक्ष एनएसयूआई
नगर में कोचिंग सेंटर संचालकों द्वारा छात्राओं को एकदम अलसुबह और शाम को अंधेरा होने के बाद भी पढ़ाई के लिए कोचिंग सेंटरों में बुलाया जाता है। इस दौरान हल्का अंधेरा व धुंध रहती है। इससे छात्राओं के साथ कोई अनहोनी घटना होने की संभावना बनी रहती है। छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर संचालकों को कोचिंग सेंटरों के समय का परिवर्तन कर देना चाहिए, जिससे छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पीयूष प्रताप सिंह, जिला संयोजक, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद
दीपावली पर्व नजदीक है, इस कारण शहर की सड़कों पर चहल पहल ज्यादा है। इसके अतिरिक्त पुलिस भी भ्रमण करती रहती है। यदि अभिभावक या छात्रा किसी समस्या की शिकायत करती है तो उस पर विचार किया जाएगा।
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रामशंकर, जिला विद्यालय निरीक्षक
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