ब्लॉक बिरधा में 15 वर्षों से कब्जा जमाए बैठे बाबू
कलौथरा/बिरधा। विकास खंड बिरधा में प्रदेश सरकार के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सरकार के नियमानुसार किसी भी विभाग में कोई भी कर्मचारी तीन साल से अधिक नही रह सकता। लेकिन भ्रष्टाचार की दम पर विकास खंड बिरधा में कुछ कर्मचारी 15 साल से जमे हैं, उन्होंने 15 साल में अपनी जड़े इतनी मजबूत बना ली है कि ब्लॉक बिरधा में उनकी हामी के बगैर कोई काम नहीं होता है। इस तरह शासन के आदेश को खुलेआम चुनौती दी जा रही है। ब्लॉक बिरधा मे तैनात बाबू और लेखाकार करीब 15 साल से ब्लॉक में डटे हुए हैं। जब क्षेत्रीय ग्रामीण ब्लॉक पर अपनी समस्याएं लेकर आते है तो ग्रामीणों को बहाने बनाकर टरका दिया जाता हैं।
ब्लॉक बिरधा में कुल 15 ग्राम विकास अधिकारी हैं, जिसमें 9 अधिकारी ग्राम विकास विभाग से है और 5 ग्राम विकास अधिकारी पंचायती विभाग से है। ब्लॉक बिरधा में 5 अधिकारी पंचायत विभाग से होते हुए ब्लॉक बिरधा में एडीओ का प्रशासनिक मद का चार्ज ग्राम विकास अधिकारी लिए हैं और वित्तीय अधिकार महरौनी में तैनात एडीओ फूलचंद लिए हुए है जबकि एडीओ का प्रभारी पंचायत राज विभाग का ही अधिकारी होना चाहिए। ब्लॉक विरधा में सब कुछ मानक के अनुरूप चल रहा है जबकि विकास खंड अधिकारी सुनील कुमार 3-3 ब्लॉक महरौनी, मड़ावरा, और बिरधा का चार्ज लिए हुए है। ब्लॉक बिरधा में अधिकारियों की खुद की हुकूमत चल रही है जबकि शासन की मंशा कुछ और हैं।
इनका कहना है
इस मामले में सीडीओ ही कुछ कह पाएंगे।
सुनील कुमार, विकास खंड अधिकारी
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यह मामला मेरे संज्ञान में आया है अगर शासन का आदेश कर्मचारियों को एक जगह 3 साल से ज्यादा रहने का नही है तो हम जिलाधिकारी जी व सीडीओ साहब से बात करेंगे और तत्काल प्रभाव से इनका ट्रांसफर करवाया जाएगा। उन्हें तो नौकरी करनी है तो कही भी जनता की सेवा कर सकते हैं। लेकिन योगी सरकार में किसी भी प्रकार की मनमानी नही चल पाएगी।
असुरेश टोंटे
जिलाध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा