ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग में नियमों को दरकिनार करते हुए कई लिपिक वर्षों से एक ही पटल पर डटे हैं। इसके बाद भी उनके पटल परिवर्तित नहीं किए जा रहे हैं। कई लिपिक तो ऐसे हैं, जिन्हें एक ही पटल पर छह से आठ वर्ष हो गए हैं। इससे विभागीय काम गति नहीं पकड़ पा रहा है।
शासन ने विभागों के कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए पटल परिवर्तन के निर्देश दिए हैं। इनमें जनपद में तीन वर्ष व मंडल में छह वर्ष पूरा करने वाले अधिकारी व कर्मचारियों के लिए तबादला नीति बनाई गई है। जिससे विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग में पटल परिवर्तन नीति को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा है। इससे कई कार्यों में अनियमितताएं पाईं जा रही हैं। इतना ही नहीं कई पटलों के कार्यों में घोटाले तक पकड़े गए हैं। इसमें तत्कालीन सीएमओ पर भी कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन द्वारा शासन को पत्राचार किया गया है। इसके बाद भी विभागीय अफसरों ने पटल परिवर्तन नहीं किया है। यहां पर कुछ बाबू ऐसे हैं, जो कि एक पटल पर लगभग छह से आठ वर्ष से कार्य कर रहे हैं। इसके बाद भी पटलों में परिवर्तन नहीं किया गया है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।