पाली/ललितपुर। नगर पंचायत पाली लाखों रुपये करने के बाद भी स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंक नहीं बना पाई है। सर्वेक्षण में पाली को 284 वीं रैंक प्राप्त हुई है। इसमें बेहतर अंक हासिल करने के लिए नगर पंचायत ने प्रचार प्रसार पर लाखों रुपये पानी की तरह बहाए गए लेकिन पंचायत अपेक्षित परिणाम नहीं पा सकी।
नगर पंचायत पाली ने स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए लाखों रुपये खर्च किए। इसमें नगर की स्ट्रीट लाइट के खंभो पर फ्लेक्स टांगे गए। इस दौरान नगरवासियों को अपने घर का कचरा डस्टबिन में डालने का आह्वान किया गया। लेकिन, व्यवस्थाएं सुदृढ नहीं हो सकी। जिस वजह से नगर पंचायत को नार्थ जोन में 284 वीं रैंक प्राप्त हुई। पिछले साल 297 वीं रैंक हासिल हुई थी। वहीं, वर्ष 2018 में 257 रैंक रही थी। उधर, नगरवासियों का कहना है कि डस्टबिन जब घरों के बाहर या चौराहे पर हो, तब तो कचरा डस्टबिन में डाला जाए। नगर के वार्ड 08 में गंदगी इस कदर से फैली हुई है कि वार्डवासी परेशान हैं।
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बीते माहों में नगर में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए अभियान चलाया गया था। वहीं, वार्ड नं. 8 में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्वच्छता के प्रति लोगों को अधिक से अधिक जागरुक बनाने की आवश्यकता है।
देवकीनंदन चौरसिया अध्यक्ष स्वच्छता साथिया फाउंडेशन
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स्वच्छता के प्रति लोग गंभीर नहीं हैं। नगर पंचायत द्वारा स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक बनाया जाए। इससे ही नगर पंचायत की मंशा पूरी हो पाएगी।
पुनीत चौरसिया पूर्व पार्षद पाली
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नगर पंचायत पाली द्वारा स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। जिससे प्रदेश में नगर पंचायत अव्वल स्थान प्राप्त कर सके। स्वच्छता की रैंकिंग सुधारने की कोशिश की जाएगी।
अविनाश त्रिपाठी
अधिशासी अधिकारी / उपजिलाधिकारी पाली