दीपावली पर लोग अपने घरों को तो साफ और सुंदर बनाने में जुटे हैं, लेकिन घरों में से निकलने वाली गंदगी को खुले मैदानों व गलियों में खुला फेंककर अपने ही शहर को गंदा किया जा रहा है। इसके पीछे की मुख्य वजह साफ व स्वच्छता के प्रति स्थानीय लोगों में जागरूकता का अभाव है।
शहर में फैली गंदगी और कचरा का उठान करके शहर वासियों को एक स्वच्छ माहौल प्रदान करने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है, लेकिन स्वच्छ माहौल को बनाए रखने की जिम्मेदारी आमजन की भी है। लेकिन स्थानीय लोगों में इस मिशन के प्रति जागरूकता का अभाव देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा अपने घरों की गंदगी को आस-पास स्थित खुले मैदानों, गलियों व सड़कों पर खुला फेंक रहे हैं। ऐसा करने वाले लोग इस बात से अंजान हैं कि वह अपने घरों की गंदगी बाहर फेंककर घर के भीतर तो स्वच्छ माहौल तैयार कर लेंगे, लेकिन उनके ही घरों के बाहर व आसपास के माहौल को कैसे स्वच्छ करेंगे, जो गंदगी उनके ही द्वारा फैलाई जा रही है। घरों के बाहर खुले में फेंके जाने वाले कचरे से साफ जाहिर होता है कि स्थानीय लोग इस स्वच्छता मिशन के प्रति कितने जागरूक है।
साक्षर भी जागरूक नहीं
घरों के बाहर खुले में कचरा फेंककर स्वच्छता का माहौल बिगाड़ने में केवल मलिन बस्ती के बाशिंदे ही नहीं है। नगर क्षेत्र में ऐसे कई मुहल्ले हैं जहां पर पढ़े-लिखे लोगों का समूह निवास करता है, यहां के भी हालत ऐसे ही है। जब शहर में रहने वाले पढ़े-लिखे व शहर के प्रतिष्ठित लोग ही स्वच्छता मिशन के प्रति जागरूकता नहीं दिखा रहे हैं, तो शहर की मलिन बस्तियों व ग्रामीण अंचलों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नपा ने लगाया एड़ी चोटी का बल
नगर पालिका में विगत एक वर्ष से चल रही आर्थिक तंगी का असर सफाई व्यवस्था पर भी पड़ा है। साफ कर्मचारियों की संख्या में घटने के बाद भी नगर पालिका दीपावली के मद्देनजर अधिक संख्या में निकले वाले कचरे का उठान करने में एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। विभाग विगत कई वर्षों से सफाई कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। विभाग में कुल 82 स्थायी सफाई कर्मचारी व 221 संविदा सफाई कर्मचारी तैनात हैं। इनमें से महिला सफाई कर्मचारियों की संख्या अधिक है। बढ़ती आबादी व क्षेत्र को देखते हुए शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नगर पालिका विगत दो माह पूर्व तक करीब 150 अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों को आउट सोर्सिंग के माध्यम से रखे हुए थी। लेेकिन आर्थिक तंगी के कारण विभाग ने विगत सितंबर माह से आउट सोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की संख्या में कटौती कर दी है। विभाग में सफाई कर्मचारियों व साधनों की कमी होने के बावजूद नगर पालिका दीपावली के मद्देनजर शहर को साफ-सुथरा व अधिक से अधिक कचरा का उठान करने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। शहर का कचरा उठाने के लिए वर्तमान में नगर पालिका के सात ट्रैक्टर, दो लोडर, एक डंपर प्लेजर, रिल्यूट कंटेनर, टाटा एस प्लेजर वाहन संचालित किए जा रहे हैं, हाल में नगर पालिका ने त्योहार को देखते हुए कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वह दिन में प्रत्येक क्षेत्र में तीन-चार बार वाहन लेकर कचरा का नियमित रूप से उठान करें। वहीं समस्त कर्मचारियों के सुबह व दोपहर दोनों ही समय मुस्तैदी से काम लिया जा रहा है।
अपील
अमर उजाला की जनपद वासियों से अपील है कि वह अपने घरों के साथ-साथ अपने आसपास को क्षेत्र को स्वच्छ रखकर स्वच्छता की दीपावली मनाएं। घरों की साफ-सफाई के दौरान निकलने वाले कचरे को नपा की कचरा उठाने वाली गाड़ी में या फिर मुहल्लों में रखे डस्टबिन के भीतर ही डालें। यदि नजदीक में कहीं डस्टबिन उपलब्ध नहीं है, तो कचरे को एकत्रित करके उसे अच्छी तरह से बांधकर पैक करके घर के बाहर चबूतरे पर रख दें। लोग अपने पड़ोसियों को भी मुहल्ले में गंदगी फैलाने से रोकें व उन्हें जागरूक करें।