आजमगढ़। जालंधरी मोहल्ले में तालाब में सीवेज बहाने के मामले में नगर पालिका पर लगे 15 लाख जुर्माने को नपा ने प्रदूषण नियंत्रण राज्य बोर्ड के खाते में जमा कर दिया है। हालांकि जुर्माने की राशि को बोर्ड के खाते में जमा किए जाने संबंधित अभी कोई पत्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को नहीं मिला है।
शहर के जालंधरी मोहल्ले के एक तालाब में बिना शोधित किए घरों का गंदा पानी बहाया जा रहा था। इसकी शिकायत एनजीटी में हुई थी। नगर पालिका पर पांच लाख रुपए प्रतिमाह की दर से पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के संबंध में नपा को सात अगस्त 2024 को नोटिस दिया गया, लेकिन नगर पालिका ने नोटिस का जवाब नहीं दिया था। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण राज्य बोर्ड ने क्षेत्रीय कार्यालय से इसकी जांच कराई। जांच में बायोरिमेडिएशन से पहले और बाद के नमूने लिए गए थे। राज्य बोर्ड के आदेश पर फिर क्षेत्रीय कार्यालय ने 30 सितंबर को जांच की। तब तालाब में गिरने वाली नालियां बंद थीं, लेकिन जल निगम की ओर से बनाए गए सीवर लाइन से नालियों को जोड़ा नहीं गया था। इसके कारण नालियों के ओवरफ्लो होने की समस्या बनी हुई थी। घरों से निकलने वाले गंदे पानी के शुद्धिकरण की पर्याप्त व्यवस्था न होने पर जुलाई से सितंबर तक पांच लाख रुपये प्रतिमाह की दर से राज्य बोर्ड ने नगर पालिका पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इसे 15 दिन के भीतर जमा करने का निर्देश था, लेकिन नगर पालिका ने उसे जमा नहीं किया। अब दिसंबर में जुर्माने की राशि नगर पालिका ने प्रदूषण नियंत्रण राज्य बोर्ड के खाते में जमा किया है। हालांकि जुर्माने की राशि जमा करने के संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय को अभी तक कोई पत्र नहीं मिला है।
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39.95 करोड़ की जुर्माना वसूली का जारी हो चुका है नोटिस
15 लाख रुपये जुर्माने से पहले नगर पालिका पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पांच लाख रुपये प्रतिमाह की दर से 47 माह का 39.95 करोड़ का जुर्माना लगाया है। इसमें नगर पालिका पर 17 नालों का गंदा पानी तमसा में गिराने का आरोप है। 15 दिन में जुर्माने की राशि न जमा करने पर बोर्ड की तरफ से वसूली के लिए नोटिस भी जारी किया गया है। इस मामले में नपा आजमगढ़ के अधिशासी अधिकारी विवेक त्रिपाठी का कहना है कि यह जुर्माना एनजीटी ने नहीं बल्कि पीसीबी ने लगाया है। मामला अभी कोर्ट में है।
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शहर के जालंधरी मोहल्ले के तालाब में सीवेज गिराने के मामले में नगर पालिका पर जो 15 लाख रुपये का जुर्माना लगा था, उसे राज्य बोर्ड के खाते में जमा कर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र भेज दिया गया है। 39.95 करोड़ के जुर्माो का मामला अभी कोर्ट में है।
- विवेक त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, आजमगढ़।
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15 लाख के जुर्माने की राशि जमा करने के लिए नगर पालिका से तीन, चार दिन पहले फोन आया था। पूछा गया था कि जुर्माना कहां जमा किया जाय, लेकिन जुर्माना जमा हुआ कि नहीं इस संबंध में नपा का कोई पत्र अभी नहीं मिला है।
-ओएस सिद्दीकी, वैज्ञानिक सहायक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आजमगढ़।