शिक्षा को सरल और व्यावहारिक बनाने के लिए अब छात्रों को खेल के माध्यम से शिक्षित किया जाएगा, इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों को अब शिक्षण कार्य में नये तौर तरीके अपनाने होंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रस्तावित 11 में से किसी एक को विद्यालय में लागू करने के निर्देश दिए हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत परिषदीय शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हर साल शिक्षकों की ट्रेनिंग पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। इससे हटकर अरविंदो सोसायटी ने शून्य निवेश पर शिक्षण को प्रभावी करने के टिप्स दिए हैं। बीते माहों में शिक्षकों को प्रशिक्षण देकर इनसे अवगत कराया गया था। अब बीएसए संतोष कुमार राय ने प्रस्तावित 11 में से किसी एक नवाचार का प्रयोग शिक्षण कार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारी को लिखे पत्र में कहा कि अरविंदो सोसायटी ने 11 नवाचार सुझाए हैं। इसमें कला शिल्प सर्वांगीण विकास, खेल-खेल में शिक्षा, सामुदायिक सहभागिता, अभिनव शिक्षा तकनीक, बाल संसद, दैनिक बाल अखबार, छात्र प्रोफाइल, भविष्य सृजन, सरल अंग्रेजी, कंसेप्ट मैपिंग, चित्रकला के माध्यम से शिक्षा शामिल है। इन बिंदुओं में से एक को विद्यालय में लागू करना है। उन्होंने इसकी सूचना निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इससे शिक्षकों में खलबली मच गई है। तमाम शिक्षक अरविंदो सोसायटी के प्रशिक्षण में बताई जानकारियों को भूल गए हैं, ऐसे में उन्हें नवाचार का प्रयोग करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यह मांगी सूचना
विद्यालय का नाम, विद्यालय का यू-डायस कोड, विद्यालय में शिक्षकों की संख्या, प्रअ का नाम, प्रअ का मोबाइल नंबर, क्रियान्वित करने का दिनांक, संबंधित नवाचार का फोटोग्राफ शिक्षकों से मांगे गए हैं।