दहन करने के लिए युवक व बच्चे ने बनाया रावण का पुतला
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। कोरोना महामारी के चलते इस बार विजयदशमी पर्व फीका रहा। पहली बार शहर में रावण दहन का कोई बड़ा कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ। नगर के छोटे-छोटे बच्चों ने इस परंपरा बरकरार रखते हुए रावण के छोटे पुतले का दहन किया। इस दौरान उन्होंने पटाखे भी छुड़ाए।
मोहल्ला नदीपार स्थित रामलीला मैदान में राम- रावण युद्ध का मंचन किया जाता था। इस दौरान दोनों में भीषण युद्ध होता था। आखिर में भगवान श्रीराम अपने तीर से राक्षस रावण का अंत कर देते थे। भगवान श्रीराम की लीला कर रहे कलाकार एक तीर रावण के पुतले पर छोड़ते थे, जिससे उसका दहन हो जाता था। इस बार कोराना महामारी के चलते न तो रामलीला का मंचन हुआ और न ही रावण के पुतले का दहन किया गया। हालांकि, बच्चों ने रावण के पुतले का दहन घरों की छतों पर किया। मोहल्ला खिरकापुरा में शिवांशी, नैंसी, मानसी पाटकर ने अपने घर की छत पर रावण के पुतले को जलाकर बुराई से दूर रहने का संदेश दिया।
इसी तरह पाली कस्बा में रावण दहन का बड़ा कार्यक्रम नहीं हुआ। यहां प्रतिवर्ष धूमधाम से विजयदशमी पर्व मनाया जाता रहा है। यहां रावण के 35 से 45 फीट, कुंभकर्ण और मेघनाद के 30 से 40 फीट के पुतलों का दहन किया जाता रहा है। इस बार कोरोना संक्रमण के चलते नगर में सार्वजनिक रामलीला, दहशरा कार्यक्रम नहीं हुए। उधर, कस्बा मड़ावरा में नवयुवकों ने बुराई के प्रतीक रावण के करीब दस फुट के पुतले को जलाकर दहनकर आपसी प्रेमभाव से मिल जुलकर रहने का संदेश दिया।
धू धू कर जला रावण- फोटो : LALITPUR
च्चों ने किया रावण का पुतला दहन- फोटो : LALITPUR
बच्चों ने बनाया रावण का पुतला- फोटो : LALITPUR