उच्च न्यायालय के आदेश पर सीजेएम की अदालत ने जारी किया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। उच्च न्यायालय के आदेश पर सीजेएम की अदालत ने तालबेहट कोतवाली में दर्ज एलयूसीसी प्रकरण के मुख्य संचालक रवि तिवारी एवं उसके भाई विनोद तिवारी को रिहा करने के आदेश जारी कर दिया। इसके बाद जेल प्रशासन ने दोनों आरोपियों को रिहा कर दिया। इस मामले में अदालत की ओर से जेल अधीक्षक को पत्र भी लिखा गया है।
कोतवाली तालबेहट पुलिस ने एक माह पहले छह जनवरी को मोहल्ला चौबयाना निवासी शक्ति वाल्मीकि की तहरीर पर दीपक सहित 8-10 अज्ञात पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच के दौरान रविशंकर तिवारी उर्फ रवि तिवारी, उसके भाई विनोद तिवारी निवासी लेखपाल कालोनी रामनगर थाना कोतवाली ललितपुर (हाल निवासी 20 गीतग्रीन कॉलोनी करौंद थाना निशांतपुरा जिला भोपाल), भरत वर्मा निवासी सिविल लाइन चांदमारी कोतवाली और मुकेश कुमार जैन निवासी ग्राम मड़ावरा के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस की जांच टीमों ने 12 जनवरी को चारों को गिरफ्तार करने के बाद सीजेएम न्यायालय में पेश किया था, जहां से सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया था।
10 अक्तूबर को एडीजे ने चारों आरोपियों की जमानत याचिकाएं निरस्त कर दी थीं। इस पर आरोपियों ने उच्च न्यायालय की शरण ली थी। उच्च न्यायालय ने आरोपियों की गिरफ्तारी रिमांड आदेश को शून्य घोषित कर दिया था और गिरफ्तारी को अवैध पाते हुए तत्काल रिहा करने के आदेश जारी किए थे लेकिन शुक्रवार को जब तक उच्च न्यायालय का आदेश आया, स्थानीय अदालतें बंद हो गई थी। दो दिन अवकाश होने के चलते अदालतें नहीं खुलीं। सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने जेल अधीक्षक को पत्र लिखकर उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन पर दोनों आरोपियों को तत्काल रिहा करने के आदेश जारी किए।