जल निगम के सर्वे में जिला में 93 गांव जल समस्या ग्रस्त घोषित किए हैं। जिस पर जिला प्रशासन ने गांव में पानी स्रोतों चेकडैम, तालाब, खेत-तालाब, कुआं आदि की मरम्मतीकरण और सफाई का कार्य मनरेगा की बची हुई शेष राशि से कराने का निर्णय लिया है। जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों को जिम्मेदारी सौंपकर पेयजल समस्या निस्तारण के लिए सूख प्रबंध योजना तैयार की जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा जनपद में सभी छह ब्लॉक के अंतर्गत 93 गांवों को पानी समस्या ग्रस्त माना है। इसमें जखौरा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम अंधेर, हर्षपुर, रायपुर, पिपरा, छिपाई, बुघेड़ी, जमीरामाफी, धुरवारा, बादरौन, रसोई, विनरैकाटोरन, आलापुर, समेत 26 गांव शामिल हैं। बिरधा ब्लॉक के ग्राम महौली, रसोई, बालाबेहट, दांवर, पिपरई, धौजरी, धौर्रा, मुड़ारी, सैपुरा, खालसा समेत 17 गांव में पानी संकट पाया गया है।
तालबेहट ब्लॉक के ग्राम गेवरा गुंदेरा, असऊपुरा, वर्मा बिहार, रमपुरा कठवर, कोटरा, राजपुर, भरतपुरा, चुुंगी समेत 11 गांवों को समस्या ग्रस्त सूूची में शामिल गया है। बार ब्लॉक के ग्राम कैलगुंवा, करमई, धनगौल, बुरागांव, चिकलुआ, गंगचारी बानौनी समेत 16 गांव, महरौनी ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सोजना, पड़वा, डोंगरा खुर्द, नाबई, बंहौरीघाट, धवारी, पथराई समेत 11 गांव और मड़ावरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम ग्राम बारई, पापड़ा, ठनगना, सकरा (धौरीसागर), जैतपुरा समेत 12 गांवों को पानी समस्या ग्रस्त सूची में शामिल किया गया है। जल निगम द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर यह सूची तैयार की गई है।
जिला प्रशासन द्वारा उक्त सभी गांवों में प्राथमिकता के आधार पर वाटर बॉडी जैसे चेकडैम, तालाब, खेत तालाब, हैंडपंप आदि की सिल्ट सफाई, मरम्मतीकरण का कार्य मनरेगा के कार्यों के बाद बची ही धनराशि का सदउपयोग करने का निर्णय लिया है, ताकि जनपद के उक्त सूखा, पानी ग्रस्त समस्या से निपटा जा सके। इसके लिए सभी विभागों को अपनी कार्य योजना तैयार करते हुए इस्टीमेट बनाने के लिए अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने शासन की मंशानुसार निर्देश जारी किए हैं।
पेयजल को सूखा प्रबंध योजना हो रही तैयार
ललितपुर। पानी संकट को लेकर राज्य शासन गंभीर होकर समस्या निस्तारण के लिए हर संभव प्रयास में जुटा है। शासन ने सूखा को एक मुख्य आपदा माना है। सूखा से निपटने के लिए जनपद सूखा प्रबंधन योजना तैयार की जा रही है। सूखे की समस्या निस्तारण के लिए शासन द्वारा प्रथम दीर्घकालिक योजना बनाने और द्वितीय तात्कालिक उपायों से राहत प्रदान करने की योजना तैयार की है। इसके लिए जनपद में विभिन्न संबंधित विभागों की मदद से जिला प्रशासन स्तर पर पानी स्रोतों चेकडैम, तालाब, खेत-तालाब, कुुआं की सफाई और मरम्मतीकरण कराया जाएगा।
इसमें दीर्घकालिक योजना में वर्षा के पानी का अधिकतम उपयोग कर संरक्षण करने, पानी के बहाव को कम करने व उसे संचित करने, पानी के परंपरागत स्रोतों का पुनर्जीवीकरण, अवक्रमित भूमि एवं वनों की पुन: स्थापना सुनिश्चित करना, मिट्टी व नमी का संरक्षण, पानी के संग्रहण एवं भू-कूपों का पुनर्भरण करने आदि की योजना है। सूखा प्रबंध योजना में विभागों की दक्षता के साथ ही जन प्रतिनिधियों के व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव का सदुुपयोग किया जाना लाभप्रद माना गया। इसके लिए सूखा प्रवण क्षेत्र का चिंह्नीकरण व जनसंख्या एवं क्षेत्रफल का पूर्ण विवरण तैयार करना है।
सूखा की स्थिति का सतत अनुश्रवण की योजना बनाना, सूखा में बचाव, न्यूनीकरण और पूर्ण तैयारी योजना, राहत कार्य योजना, क्राइसिस मैनेजमेंट प्लान बनाना, विभागीय अधिकारियों एवं स्टेक होल्डर्स की क्षमता वृद्धि की योजना बनाना, पंचायतीराज, ग्राम्य विकास विभाग व नगर विकास विभाग द्वारा पेयजल के सभी स्रोतों, संसाधनों की उचित मरम्मत एवं पूर्ण उपयोग के लिए तैयार करना, खराब नलकूपों को समय से मरम्मत करना, पेयजल के कुओं को आवश्यकतानुसार गहरा कराना, पशुओं के लिए सिंचाई विभाग की नहरों, नलकूपों, निजी नलकूपों के माध्यम से तालाब एवं पोखरों के भरवाने की व्यवस्था करना, ऊर्जा विभाग द्वारा खराब ट्रांसफार्मर निर्धारित अवधि में बदलने की व्यवस्था करना, रोस्टर के अनुसार सुचारु बिजली आपूर्ति कराना, सिंचाई विभाग द्वारा सिंचाई के संसाधनों को चालू रखना चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा मनुष्यों को लू, संक्रामक रोगों एवं महामारियों से बचाव के निषेधात्मक व्यवस्था एवं सघन चिकित्सीय व्यवस्था करना आदि को कार्य योजना का हिस्सा बनाया गया है।
इस प्रकार पशुधन विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, राज्य पोषण मिशन एवं बाल विकास व पुष्टाहार, कृृषि विभाग, उद्यान विभाग को उक्त कार्ययोजना के लिए जिम्मेदारी सौंपी है।
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कार्य योजना में हो रहा विलंब
ललितपुर। जिला आपदा और सूखा प्रबंधन योजना 2017-18 तैयार कर आठ मई तक उपलब्ध कराने के लिए निर्देश दिए गए थे। लेकिन मुख्य चिकित्साधिकारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, अधिशासी अभियंता जल निगम, अधिशबव्ी अभियंता जल संस्थान, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी, अधिशासी अभियंता सिंचाई, समस्त उपजिलाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, उपनिदेशक कृषि प्रसार, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विभाग समेत सभी 15 विभागों की उक्त कार्य योजना जिला प्रशासन को उपलब्ध नहीं कराई गई है। जिससे जिला स्तर की जिला आपदा प्रबंध योजना एवं सूखा प्रबंध योजना तैयार करने में बिलंब हो रहा है। अपर जिलाधिकारी ने उक्त दोनों कार्य योजना तैयार कर सभी विभागों को शीघ्र ही उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।