महरौनी-सिलावन। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों का अभाव मरीजों की जान पर भारी पड़ रहा है। डॉक्टर नहीं होने से सिजेरियन प्रसव बंद पड़े हैं। हर माह 15 से 20 गर्भवती महिलाओं को रेफर किया जाता है। स्थानीय महिलाओं ने डॉक्टरों की तैनाती कर सिजेरियन प्रसव शुरू कराने की मांग की है।
सीएचसी पर लंबे इंतजार के बाद 15 अगस्त 2024 को सिजेरियन प्रसव की सुविधा मिली थी। ग्राम भैरा निवासी गंगा का पहला सिजेरियन प्रसव हुआ था। इसके बाद 15 माह में एक भी सिजेरियन प्रसव नहीं हुआ। इस कारण गर्भवती महिलाएं परेशानी से जूझ रही हैं।