ललितपुर (ब्यूरो)। यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में केंद्र व्यवस्थापक निर्देशों से हटकर काम कर रहे हैं। डीआईओएस ने केंद्र व्यवस्थापकों को हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि नियम विपरीत ड्यूटी पाए जाने पर पारिश्रमिक भुगतान के लिए केंद्र व्यवस्थापक जिम्मेदार होंगे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश इलाहाबाद ने परीक्षा को व्यवस्थित तरीके से कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें 250 या कक्ष परीक्षार्थी पर एक निरीक्षक, 251 से 500 तक दो निरीक्षक, 501 से 750 तक तीन निरीक्षक और 750 से अधिक पर चार निरीक्षक लगाने का नियम रखा गया है।
इसी प्रकार पांच कक्षों तक एक आमोचक (रिलीवर), दस कक्षों तक दो आमोचक और 15 कक्षों पर तीन आमोचक नियुक्त किए जा सकते हैं। इसके बाद भी परीक्षा में परीक्षा प्रभारी व परीक्षा सहायक को पृथक-पृथक दर्शाकर शिक्षकों की ड्यूटियां लगा दी गई हैं, जबकि 13 फरवरी को माध्यमिक और बेसिक शिक्षा के शिक्षकों की तालिका उपलब्ध कराई गई थी।
इसमें पहले माध्यमिक के शत-प्रतिशत शिक्षक लगाए जाने थे, उसके उपरांत बेसिक शिक्षा के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जानी थी, परंतु ऐसा नहीं किया जा रहा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम प्रकाश यादव ने कहा कि यदि परीक्षा में नियमों के विपरीत कक्ष निरीक्षक, सहायक एवं आमोचक लगाए जाते हैं तो केंद्र व्यवस्थापक उनके पारिश्रमिक भुगतान के लिए उत्तरदायी होंगे।