ललितपुर। विकासखंड बार क्षेत्रांतर्गत उटारी बांध से निकली नहर ग्राम मर्रौली के पास करीब पांच मीटर फट गई, जिससे खेतों में पानी भरने से कई किसानों का भारी नुकसान हो गया है। इस घटना ने नहर की गुणवत्ता पर सवालिया निशान भी खड़े कर दिए हैं। इस नहर का संचालन बांध के निर्माण होने के बाद पहले बार हुआ था। नहर एक सप्ताह तक नहीं टिक सकी।
बार क्षेत्र में नवनिर्मित उटारी बांध की नहर का टेल ग्राम चंदावली तक है। खेतों की सिंचाई के लिए पिछले दिनों नहर को चालू किया गया था। बुधवार को दोपहर करीब 1 बजे ग्राम मरौली में नहर का करीब पांच मीटर हिस्सा फट गया। स्थानीय किसानों का कहना है कि उन्होंने घटना की जानकारी तत्काल सिंचाई विभाग को दी, लेकिन पूरा दिन बीतने के बाद बृहस्पतिवार की दोपहर करीब तीन-चार बजे विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और आस-पास के खेतों से मिट्टी भरकर नहर के टूटे हुए हिस्से को बंद किया। लेकिन जब तक नहर का पानी आस-पास के करीब 50 एकड़ क्षेत्र में भर गया है। खेतों में फसल की बुवाई हो चुकी थी, जिससे स्थानीय किसानों का भारी नुकसान हो गया है।
वहीं इस घटना से उटारी बांध की उक्त नहर की गुणवत्ता पर सवाल उठना शुरु हो गए हैं। इस नवनिर्मित नहर का संचालन बांध का निर्माण होने के बाद पहले बार किया गया था। पूरे एक सप्ताह तक पानी का संचालन नहीं हो सका है और नहर का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। स्थानीय किसानों जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर पीड़ित किसानों को आर्थिक सहायता दिलाने व नहर की खराब गुणवत्ता के संबंध में संबंधित अधिकारी व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान नारायण, मनोज, राजेश सिंह, सोवरन, गोविंद सिंह, मुन्नालाल, शिवचरन, भानसिंह, लालसिंह, पीतम, अमोल सिंह, हरीराम, कल्याण, निर्पत, सुब्बू, रामकली, सुजान सहरिया, मनोहर, नंदराम, कल्लू आदि उपस्थित रहे।