ललितपुर। मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने 14वें वित्त आयोग एवं चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत कराए गए कार्यों का निरीक्षण किया, इसमें कई कमियां मिलने पर उन्होंने जिम्मेदार अफसरों को तत्काल कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। कई जगह नालियां कचरा से बजबजाती मिलीं।
मुख्य अधिकारी द्वारा विकास खण्ड जखौरा की ग्राम पंचायत नदनवारा एवं छिपाई में ग्राम पंचायतों द्वारा 14वां वित्त आयोग एवं चतुर्थ राज्य वित्त आयोग के अन्तर्गत वर्ष 2016-17 में कराए गए कार्यों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में ग्राम पंचायत नदनवारा में रोशन के घर से पुलिया तक नाली निर्माण प्राक्कलन के अनुसार 1.05 लाख रुपए की लागत से 32.00 मीटर लंबाई में नाली का निर्माण कार्य पूर्ण पाया गया, लेकिन निर्मित नाली में काफी कचरा भरा हुआ था, जिसके कारण इसमें पानी रुकेगा। नाली के पास एक सरकारी इंडिया मार्क-2 हैंडपंप लगा है, जिसे तारफैंसिंग करके उस पर कब्जा कर लिया गया है और निर्मित नाली भी इसके अंदर कर ली गई है। मौके पर उपस्थित ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि तत्काल नाली एवं हैंडपंप को कब्जामुक्त कराया जाए। अधिशासी अभियन्ता, जल निगम को भी निर्देशि किया जाता है कि तीन दिन के अंदर उक्त हैंडपंप को कब्जा मुक्त कराकर फोटोग्राफ सहित अपनी आख्या प्रस्तुत करें। अनिल के घर से बाईपास तक सीसीरोड का निर्माण प्राक्कलन के अनुसार 2.30 लाख रुपए की लागत से 25 मीटर लंबाई एवं 3.50 मीटर चौड़ाई में सीसी रोड का निर्माण कार्य पूर्ण पाया गया, किन्तु कराए गए कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई।
निर्मित सीसीरोड की एजिंग वाल एक स्थान पर लगभग 7-8 फुट टूटी हुई पाई गई तथा एजिंग वाल के निर्माण में निर्मित मसाले में सीमेंट की मात्रा कम होने के कारण हाथ से ही प्लास्टर निकल रहा था। मौके पर उपस्थित ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जो एजिंग वाल टूट गई है तथा जो प्लास्टर निकल रहा है, उसे तीन दिन के अंदर ठीक कराकर फोटोग्राफ सहित आख्या भिजवाने के निर्देश दिए। गांव में सफाई की व्यवस्था बहुत खराब पाई गई। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि यहां का सफाई कर्मी निर्वाचन कार्यालय में संबद्व है। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया जाता है कि तीन दिन के अंदर निर्वाचन कार्यालय में संबद्ध सफाई कर्मी को कार्यमुक्त कराकर उसे ग्राम में भेजकर सफाई कराएं। निर्देशित किया गया कि प्राक्कलन में किए गए प्राविधान के अनुसार एजिंग वाल पर पीसीसी के कार्य को कराया जाए। उपरोक्त कार्यों से संबंधित माप पुस्तिकाओं का अवलोकन करने पर पाया गया कि इसमें एमबी किसी और कर्मचारी द्वारा काले पैन से की गई है तथा अवर अभियंता लघु सिंचाई/ ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा नीले पैन से केवल हस्ताक्षर किए गए हैं। साथ ही उक्त कार्यों का जो चयन किया गया है, वह आबादी से बाहर किया गया है, जबकि इनके स्थान पर किसी अन्य सदुपयोगी स्थानों का चयन किया जा सकता था। अवर अभियंता से इसके लिए स्पष्टीकरण देने को कहा गया।
निरीक्षण के समय सरकारी कूप के पास एक हैंडपंप को मिस्त्री तुलसीराम झा द्वारा सुधारा जा रहा था। पूछने पर मिस्त्री द्वारा बताया गया कि इस हैण्डपम्प की चैन, बेरिंग एवं एक्सल खराब हो गया है, जिसे बदला जा रहा है। गांव में स्थापित 22 हैण्डपम्पों के सापेक्ष 7 हैैैंडपंप चालू बताए गए। मौके पर उपस्थित ग्राम पंचायत अधिकारी एवं हैण्डपम्प मिस्त्री को कहा गया कि गांव में जितनी भी खराब हैं, उन्हें तत्काल सुधरवाया जाए और जो ठीक हो सकें, उन्हें तत्काल ठीक कर दिया जाए।