ललितपुर। अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर तीन युवकों के चयनित होने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने दूसरे युवकों के दस्तावेजों पर अपनी फोटो लगाकर उनका इस्तेमाल भर्ती प्रक्रिया में किया। अभिलेखों के सत्यापन के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी वास्तविक उम्र से अधिक थे और कम उम्र दर्शाने के लिए दूसरे युवकों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अग्निवीर के रूप में चयनित हुए थे। तीनों करीब तीन माह से अलग-अलग ट्रेनिंग सेंटरों में प्रशिक्षण ले रहे थे। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट की ओर से लड़ाकू रंगरूट यशवंत लोधी निवासी बीघामहावत के चरित्र एवं सत्यापन के संबंध में जांच आख्या मांगी गई थी। यशवंत का अग्निवीर के रूप में चयन हुआ था। उसका नामांकन रोल नंबर IAF-1152 के तहत हुआ था। गोरखा ट्रेनिंग सेंटर, हैप्पी वैली, शिलांग, ईस्ट खासी हिल्स, मेघालय की ओर से उपलब्ध कराए गए अभिलेखों में अग्निवीर नंबर ए280069एच और रैंक अग्निवीर के रूप में यशवंत लोधी का नाम दर्ज था। अभिलेखों में जन्मतिथि 15 मई 2006 दर्ज थी। साथ ही तहसील सदर से जारी चरित्र प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र लगा था।
कोतवाली पुलिस ने जब यशवंत लोधी के स्थानीय पते पर जाकर अभिलेखों का सत्यापन किया तो इस नाम का युवक गांव में मिला। हालांकि, दस्तावेजों पर लगी फोटो यशवंत की नहीं थी। पुलिस ने इसकी गहनता से जांच की तो फोटो उसके मित्र कन्हैया निवासी बिरारी की निकली। पुलिस के अनुसार, कन्हैया की जन्मतिथि 18 जुलाई 2002 है और वह कुशवाहा जाति का है। जांच में सामने आया कि कन्हैया ने यशवंत के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में भाग लिया और चयनित होकर नौकरी हासिल की।
जांच के दौरान दो अन्य मामलों में भी इसी तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया। पुलिस के अनुसार, रामचरन निवासी गेंचवारा, थाना जखौरा के दस्तावेजों का इस्तेमाल आकाश निवासी बीघाखेत महर्रा ने किया। वहीं, रामकुमार निवासी बीघामहावत के दस्तावेजों का इस्तेमाल वीरेंद्र निवासी बीघामहावत ने किया। आरोप है कि आकाश और वीरेंद्र ने भी दूसरे युवकों के दस्तावेजों पर अपनी फोटो लगाकर फर्जी तरीके से अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लिया और चयनित हुए। पुलिस के अनुसार, तीनों ने कूटरचित दस्तावेजों को सही बताकर इस्तेमाल किया और अग्निवीर के रूप में चयन हासिल कर सरकारी धन का लाभ लिया। इस मामले में साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक शावेज खान की तहरीर पर कन्हैया, आकाश और वीरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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तीन माह पहले चयनित होकर कर रहे थे ट्रेनिंग
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी करीब तीन माह पहले अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में चयनित हुए थे। कन्हैया यशवंत लोधी के नाम पर मेघालय में लड़ाकू रंगरूट के रूप में प्रशिक्षण ले रहा था। वहीं, आकाश और वीरेंद्र असम और हैदराबाद स्थित ट्रेनिंग सेंटरों में प्रशिक्षण ले रहे थे।
भर्ती संस्था और ट्रेनिंग सेंटर को भेजी रिपोर्ट
अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल के तीन मामले सामने आने के बाद जनपद पुलिस ने इसकी रिपोर्ट संबंधित भर्ती संस्था और ट्रेनिंग सेंटरों को भेज दी है। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों को सेना से बर्खास्त कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वालों की भी तलाश
तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है। भर्ती प्रक्रिया में लगाए गए दस्तावेजों, फोटो और अन्य अभिलेखों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने, उन पर फोटो लगाने और भर्ती प्रक्रिया में उनका इस्तेमाल कराने में आरोपियों के साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।
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अग्निवीर में चयनित तीन युवकों के अभिलेखों के सत्यापन के दौरान सामने आया कि उन्होंने दूसरे युवकों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उन पर अपनी फोटो लगाई थी। तीनों की उम्र अधिक थी और कम उम्र दर्शाने के लिए दूसरे के अभिलेखों का उपयोग किया गया। आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की गहनता से जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कालू सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक