तालबेहट। अमर उजाला के नारी सशक्तीकरण के साझा अभियान अपराजिता के तहत बृहस्पतिवार को केंद्रीय विद्यालय तालबेहट में एक व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें स्वास्थ्य और नारियों के उत्थान के संबंध में वक्ताओं ने अपने विचार रखें। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आईएएस गजल भारद्वाज ने कहा कि अमर उजाला का यह प्रयास छात्राओं को आगे बढ़ने का हौसला प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा आप लोग अपना कॅरियर चुनते समय समाज में चली आ रही पुरानी भ्रांतियों पर ध्यान न दें और स्वतंत्र होकर इसका चुनाव करें।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसडीएम गजल भारद्वाज ने किया। इसके अमर उजाला के जिला ब्यूरो अंकित द्विवेदी ने अपराजिता कार्यक्रम के चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देते हुए बताया की यह कार्यक्रम खास कर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कर्तव्य बोध कराना है।
सीएचसी तालबेहट की चिकित्सक डॉ. लक्ष्मी ने कहा कि सर्वांगीण विकास के लिए स्वस्थ रहना आवश्यक है। इसके लिए हमें अपने खान पान पर विशेष ध्यान देना होगा। इसके अलावा आज तक बच्चें मोबाइल फोन का उपयोग अधिक कर रहे हैं। जो ठीक नहीं है। मुख्य अतिथि आईएएस गजल भारद्वाज ने कहा कि अपराजिता कार्यक्रम के तहत नारी सशक्तीकरण की बात होती है। इस संबंध में मैं कहना चाहती हूूं कि समाज में भ्रांतियां केवल नारियों के प्रति ही नहीं बल्कि पुरुषों के प्रति भी है। आज भी हमारे समाज में यह प्रचलित है कि लड़कियां पढ़ नहीं सकती क्योकि वह घर का काम करेगी, खाना बनाएगी। यह हमारे गांव में आज भी है। वही लड़कों के बारे में यह भ्रांति है कि लड़के रो नहीं सकते या अच्छा खाना नहीं बना सकतें। आज भी होटल मैनेंजमेंट और इंडस्ट्री में लड़के लड़कियों से अच्छा कार्य कर रहें है। इस चैलेंज को आप को स्वीकार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोई अपराजिता का अर्थ है वह व्यक्ति जो कभी पराजित न हुआ हो। मेरे हिसाब से महिलाओं के लिए हर समय एक चुनौती है और आप लोगों को बाहर आकर संघर्ष करना होगा। इसके लिए प्रत्येक मोर्चे पर चुनौती का सामना करना पड़ेगा। कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के प्राचार्य एसडी सिंह ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अनंत कुमारी, मीना यादव, मीनू वर्मा, राखी, रवींद्र लिटौरिया, राजबीर, सौरभ गुप्ता, कैलाश कुुमार आदि का सक्रिय सहयोग रहा।