ललितपुर। जिला उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेश जैन बड़ेरा ने कहा कि होटल और रेस्टोरेंट में खाना खाने पर जीएसटी पांच प्रतिशत है, जबकि कैटर्स कारोबार में अठारह प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है। इसे घटाकर पांच प्रतिशत किया जाए। उन्होंने सभी प्रकार के पंजीकृत व्यापारियों को प्रतिमाह दस हजार रुपये की पेंशन देने की मांग की है।
इलाइट चौराहा स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि 23 जुलाई को केंद्र व राज्य सरकार के नाम संबोधित मांग पत्र डीएम को सौंपा जाएगा। इसमें जीएसटी को लेकर कई मांगे रखी गई हैं। जुर्माना एक लाख, दो लाख व पांच लाख रुपये की दर घटाकर पांच हजार, दस हजार व पंद्रह हजार रुपये करने, पंजीकरण सीमा चालीस लाख से बढ़ाकर पचहत्तर लाख रुपये करने, समाधान योजना डेढ़ से बढ़ाकर ढाई करोड़ रुपये करने समेत अन्य मांगें शामिल हैैं।
उन्होंने कहा कि जीएसटी में विभाग द्वारा ब्याज लेने और देने की दरों में भारी अंतर है। इस अंतर को समाप्त करने की जरूरत है। मंडी का सभापति किसी व्यापारी को बनाया जाए, ताकि वह व्यापारियों की समस्याओं को बेहतर ढंग समझते हुए उसका निस्तारण कर सके। प्रत्येक व्यापारी का पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा व पांच लाख रुपये का लूट जैसी घटनाओं में राहत पहुंचाने के लिए बीमा कराया जाए।
जिला महामंत्री प्रदीप जैन सतरवांस ने भी विचार रखे। इस मौके पर प्रदेश मंत्री मनीष सड़ैया, शैलेंद्र सिंघई, समित समैया, बाबी राजा, अजय सोनी, सिद्धेश्वर जमौरिया, राहुल गुप्ता, ललित जैन दीपक, अनिल चौधरी, प्रदीप त्रिपाठी, मो. जावेद शरीफ, राजकुमार साहू, रामकिशोर सिंह, संजय सिंधी, सुबोध गोस्वामी, सुबोध, भागचंद जैन, अज्जू जैन व जिनेंद्र गंगचारी उपस्थित रहे।